रायपुर

रायपुर का ‘साहस’ नशा मुक्ति केंद्र बना ‘क्रूरता का अड्डा’ : नशे की लत क्या छुड़ाते, युवक को मार-मार कर बना दिया विक्षिप्त ; FIR दर्ज…

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में मानवता को शर्मसार करने वाला एक खौफनाक कांड सामने आया है। मोवा स्थित ‘साहस नशा मुक्ति केंद्र’ के नाम पर चल रहे इस ‘यातना गृह’ ने एक हंसते-खेलते आदिवासी युवक की जिंदगी नर्क बना दी। सुधारने के नाम पर अंकुर मांझी को लोहे की रॉड और डंडों से इस कदर पीटा गया कि उसकी मानसिक स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई।

सुधार केंद्र या टॉर्चर चैंबर? – ओडिशा के नबरंगपुर से आए एक गरीब आदिवासी परिवार ने अपने बेटे को नई जिंदगी देने के लिए रायपुर के इस केंद्र पर भरोसा किया था। उन्हें क्या पता था कि यहाँ संचालिका का बेटा अनिकेत शर्मा ‘सुधार’ के नाम पर हैवानियत का नंगा नाच कर रहा है।

खौफनाक खुलासे : रूह कांप जाएगी सुनकर

  • वीडियो ने खोली पोल : सोशल मीडिया पर वायरल हुए बर्बरता के वीडियो ने इस संस्थान के ‘साहस’ की धज्जियां उड़ा दी हैं। वीडियो में युवक को जानवरों की तरह पीटा जा रहा है।
  • अधमरा कर छोड़ा : जब नवंबर में परिजन अंकुर को घर ले गए, तो नहाते समय उसकी पीठ और गर्दन पर नीले पड़े गहरे जख्मों ने पूरी कहानी बयां कर दी।
  • दिमाग पर गहरा सदमा : विशाखापट्टनम के डॉक्टरों ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि लगातार हुई मारपीट और सिर पर लगी चोटों के कारण अंकुर का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है।

अहंकार की पराकाष्ठा : “तुम आदिवासी क्या समझोगे!” – हद तो तब हो गई जब अक्टूबर में परिजन अपने बेटे का हाल जानने पहुंचे। आरोप है कि केंद्र प्रबंधन ने न केवल उन्हें मिलने से रोका, बल्कि उनकी गरीबी और जाति का मजाक उड़ाते हुए भद्दी गालियां दीं। उन्हें अपमानित कर भगा दिया गया ताकि अंकुर के जख्म दुनिया के सामने न आ सकें।

पुलिस की रडार पर ‘जालिम’ अनिकेत – पंडरी थाने में आरोपी अनिकेत शर्मा के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर इन नशा मुक्ति केंद्रों को ‘लाइसेंस टू किल’ (मारने का अधिकार) किसने दिया?

  • ​क्या रायपुर पुलिस इन अवैध रूप से चल रहे प्रताड़ना केंद्रों पर ताला लगाएगी?
  • ​क्या अंकुर को न्याय मिलेगा, जिसकी दुनिया अब मानसिक अंधेरे में खो चुकी है?

कड़ा संदेश : यह खबर उन सभी माता-पिता के लिए चेतावनी है जो विज्ञापन देखकर अपने बच्चों को इन केंद्रों के हवाले कर देते हैं। ‘साहस’ के नकाब के पीछे छिपे इस भेड़िये का असली चेहरा अब बेनकाब हो चुका है।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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