ऑपरेशन शंखनाद : जशपुर पुलिस का गौ-तस्करों पर कड़ा प्रहार, जंगल के रास्ते उड़ीसा ले जाए जा रहे 12 गौ-वंश मुक्त, 3 आरोपी गिरफ्तार…

जशपुर। जिले के पुलिस कप्तान DIG एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में गौ-तस्करी के विरुद्ध छिड़ा ‘ऑपरेशन शंखनाद’ तस्करों के लिए काल साबित हो रहा है। बागबहार पुलिस ने घेराबंदी कर 12 नग गौ-वंशों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस दौरान पुलिस ने तीन शातिर तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक आरोपी अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहा।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल – घटना 22 मार्च की है, जब बागबहार पुलिस की टीम जांच हेतु क्षेत्र में निकली थी। इसी दौरान सूचना मिली कि कुछ तस्कर ग्राम खड़ामाचा से राजाअंबा के जंगल के रास्ते गौ-वंशों को क्रूरतापूर्वक हांकते हुए पैदल उड़ीसा ले जाने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मोर्चा संभाला और जंगल में घेराबंदी कर दी।
क्रूरता की हदें पार, तीन गिरफ्तार – पुलिस को देखते ही तस्करों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने दौड़ाकर तीन आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए तस्करों के नाम:
- तरुण चौहान (45 वर्ष), निवासी फरसा टोली।
- शोभन नागवंशी (47 वर्ष), निवासी खाडामाचा।
- सीता राम नागवंशी (42 वर्ष), निवासी कुकरगांव।
इन आरोपियों के पास पशु परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। पुलिस ने इनके विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत मामला दर्ज किया है।
“गौ-तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस अत्यंत संवेदनशील है। तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। हमारा ‘ऑपरेशन शंखनाद’ निरंतर जारी रहेगा।”
डॉ. लाल उमेद सिंह, DIG एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जशपुर
फरार आरोपी की तलाश जारी –
पुलिस ने फरार चौथे आरोपी की पहचान कर ली है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। इस सफल कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक शर्मा, ASI हरिशंकर राम, प्रधान आरक्षक अरविंद साय पैंकरा समेत आरक्षक अनिल चौहान, पवन पैंकरा और अजय खेस की मुख्य भूमिका रही।




