रायगढ़

सड़क किनारे खड़ी लापरवाही बनी ‘मौत का फंदा’ : तमनार में राजमिस्त्री का बेटा गंभीर रूप से घायल, ट्रेलर चालक के खिलाफ FIR दर्ज…

रायगढ़। जिले के औद्योगिक क्षेत्र तमनार में भारी वाहनों की बेतरतीब पार्किंग अब आम जनमानस के लिए जानलेवा साबित हो रही है। ग्राम खुरूसलेंगा और धौराभांठा के बीच एक ऐसी ही लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। सड़क किनारे बिना किसी सुरक्षा संकेत या इंडिकेटर के खड़े एक ट्रेलर ने बाइक सवार युवक को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वह जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।

अंधेरे में खड़ा था ‘अदृश्य काल’ – ​मामला 26 फरवरी 2026 की रात करीब 08:00 बजे का है। ग्राम समकेरा (बैगापारा) निवासी वंशीधर चौहान का पुत्र छोटी चौहान, जो कि अपने पिता की तरह ही राजमिस्त्री का काम कर परिवार का हाथ बंटाता है, धौराभांठा से काम खत्म कर अपनी मोटरसाइकिल (CG 13 UG 1245) पर सवार होकर घर लौट रहा था।

​जब वह खुरूसलेंगा और धौराभांठा के बीच पहुंचा, तो वहां मुख्य मार्ग पर ट्रेलर क्रमांक OD 16 L 0450 का चालक अपने वाहन को सड़क की सीमा के भीतर खड़ा कर कहीं गायब था। नियमतः रात के समय सड़क किनारे खड़े वाहन के पार्किंग लाइट या रिफ्लेक्टर चालू होने चाहिए, लेकिन उक्त ट्रेलर पूरी तरह ‘ब्लैकआउट’ स्थिति में खड़ा था। अंधेरे के कारण छोटी चौहान को वाहन का अंदाजा नहीं हुआ और वह अनियंत्रित होकर ट्रेलर के पिछले हिस्से में जा घुसा।

जावेद खान की सूचना से मचा हड़कंप – दुर्घटना इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। घटना के तुरंत बाद ग्राम आमगांव निवासी जावेद खान ने घायल को लहूलुहान हालत में देखा और तत्काल उसके पिता वंशीधर चौहान को फोन पर सूचना दी। घायल युवक को आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायगढ़ ले जाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

मेडिकल रिपोर्ट : गंभीर चोटों से जूझ रहा पीड़ित – अस्पताल में भर्ती छोटी चौहान के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं:

  • बायां पैर : टक्कर इतनी तेज थी कि युवक का बायां पैर कई जगहों से फ्रैक्चर हो गया है।
  • चेहरा और सिर : चेहरे पर गहरी चोटें आई हैं और सिर में अंदरूनी चोट की आशंका जताई गई है।
  • मानसिक आघात : दुर्घटना के सदमे के कारण पीड़ित काफी समय तक बयान देने की स्थिति में नहीं था।

प्रशासनिक सुस्ती और पिता का संघर्ष : ​घटना के लगभग 13 दिन बाद, जब पीड़ित की स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ और उसने पूरी आपबीती सुनाई, तब पिता वंशीधर चौहान ने तमनार थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। पिता ने आवेदन में स्पष्ट किया है कि यदि ट्रेलर चालक ने लापरवाही न बरती होती और सुरक्षा मानकों का पालन किया होता, तो यह हादसा टाला जा सकता था।

“मेरे बेटे का क्या कसूर था? वह दिनभर मेहनत करके घर लौट रहा था। इन बड़े वाहनों के चालक सड़कों को अपनी जागीर समझते हैं और कहीं भी गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। मुझे बस न्याय चाहिए।” – वंशीधर चौहान, पीड़ित के पिता

क्षेत्र की बड़ी समस्या : ‘खूनी’ सड़कों पर कब लगेगी लगाम? – तमनार और आसपास के क्षेत्रों में उद्योगों की बहुतायत के कारण ट्रेलर और हाइवा वाहनों का भारी दबाव रहता है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि:

  • अवैध पार्किंग: चालक ढाबों या आराम करने के लिए मुख्य मार्ग पर ही गाड़ियां खड़ी कर देते हैं।
  • रिफ्लेक्टर का अभाव: अधिकांश भारी वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर या रेड लाइट नहीं होती।
  • पुलिस गश्त की कमी: रात के समय इन सड़कों पर पेट्रोलिंग न होने के कारण चालकों के हौसले बुलंद हैं।

कानूनी कार्रवाई : तमनार पुलिस ने प्रार्थी वंशीधर चौहान की शिकायत पर ट्रेलर क्रमांक OD 16 L 0450 के चालक के खिलाफ लापरवाही पूर्वक वाहन खड़ा करने और गंभीर चोट पहुंचाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब वाहन मालिक और फरार चालक की तलाश में जुट गई है।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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