सरगुजा पुलिस का महा-एक्शन : ठगी का ‘किंगपिन’ पलामू से दबोचा गया!…

अम्बिकापुर (सरगुजा) : ठगी के हाईटेक सिंडिकेट के खिलाफ सरगुजा पुलिस ने एक और बड़ी स्ट्राइक की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में गांधीनगर थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने शातिर ठग अनूप कुमार चौबे को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। आरोपी न केवल नाम बदलकर ठगी करता था, बल्कि झारखंड से लेकर छत्तीसगढ़ तक अपना जाल फैलाए हुए था।
भेष बदलकर ‘चॉइस सेंटर’ को बनाया निशाना : मामले का खुलासा तब हुआ जब सकालो निवासी सुजीत मंडल ने रिपोर्ट दर्ज कराई। ठग अनूप कुमार चौबे ने खुद को ‘सब्जी विक्रेता अनीश गिरी’ बताकर और फर्जी आधार कार्ड दिखाकर प्रार्थी का विश्वास जीता। उसने अपनी मीठी बातों में फंसाकर प्रार्थी के खाते में अपराध की 1 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर करवाई और बदले में नगद लेकर चंपत हो गया। जब प्रार्थी का बैंक खाता फ्रीज हुआ, तब उसे एहसास हुआ कि वह एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ठगी के सिंडिकेट का मोहरा बन चुका है।
सिंडिकेट का ‘मोडस ऑपरेंडी’ : ऐसे चलता था खेल – पुलिस जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:
- अपराधिक सिंडिकेट : आरोपी सद्दाम अंसारी, वर्षा सिंह और अनूप चौबे मिलकर एक गिरोह चला रहे थे।
- मनी लॉन्ड्रिंग का तरीका : ये लोग अपराध से कमाया हुआ पैसा निर्दोष लोगों के बैंक खातों में मंगाते थे, फिर उसे नगद निकालकर सीडीएम (CDM) मशीनों के जरिए दूसरे खातों में भेज देते थे।
- कमीशन का लालच : इस पूरी प्रक्रिया के बदले आरोपियों को मोटा कमीशन मिलता था।
आरोपी का पुराना काला चिट्ठा : गिरफ्तार आरोपी अनूप कुमार चौबे (30 वर्ष), निवासी पलामू (झारखंड), एक आदतन अपराधी है। इसके खिलाफ राजपुर (बलरामपुर) समेत कई अन्य जिलों में भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इसके पास से ठगी में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
“पुलिस ने इस मामले में धारा 318(4), 61(2), 317(4) और संगठित अपराध से जुड़ी धारा 111 BNS के तहत कड़ी कार्यवाही की है।”
इन जांबाजों ने दी सिंडिकेट को मात : इस सफल कार्यवाही में गांधीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, साइबर सेल प्रभारी ASI अजीत मिश्रा, ASI धनंजय पाठक, सुभाष ठाकुर, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान और उनकी पूरी टीम की मुख्य भूमिका रही।
सावधान रहें : किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते में पैसा न मंगाएं और न ही किसी को अपना क्यूआर कोड (QR Code) स्कैन करने दें। आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपको सलाखों के पीछे पहुंचा सकती है।




