अपराधियों को अल्टीमेटम: रायगढ़ की सड़कों पर उतरी पुलिस, एडिशनल एसपी ने संभाला मोर्चा!…

रायगढ़। शहर के सराफा बाजार में उस वक्त हड़कंप मच गया जब पुलिस का भारी बल सड़कों पर पैदल मार्च करता नजर आया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के सख्त रुख के बाद, एडिशनल एसपी अनिल सोनी खुद मैदान में उतरे। यह मार्च केवल दिखावा नहीं, बल्कि उन बदमाशों के लिए सीधी चेतावनी थी जो शहर की शांति भंग करने का ख्वाब देखते हैं।
दुकानदारों को ‘सुरक्षा मंत्र’ – लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं : एडिशनल एसपी ने व्यापारियों के बीच जाकर न केवल संवाद किया, बल्कि सुरक्षा के कड़े मानक भी तय किए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सुरक्षा में रत्ती भर भी चूक भारी पड़ सकती है।
पुलिस के 5 बड़े निर्देश :
- चौबीस घंटे नजर : सीसीटीवी कैमरों की क्वालिटी और रिकॉर्डिंग से कोई समझौता नहीं।
- गार्ड की अग्निपरीक्षा : सुरक्षा गार्ड केवल तैनात न रहें, मुस्तैद रहें। रात में उनकी औचक चेकिंग होगी।
- कर्मचारी वेरिफिकेशन : दुकान में काम करने वाले हर शख्स का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य है।
- सीधा संपर्क : 112 और पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर हर कर्मचारी की जुबान पर होना चाहिए।
- संदिग्धों पर वार : किसी भी अनजान व्यक्ति की संदेहास्पद हरकत दिखे, तो तुरंत पुलिस को करें फोन।
“हमारी रणनीति अपराध के बाद कार्रवाई करने की नहीं, बल्कि अपराध को पनपने से पहले ही कुचल देने की है। रायगढ़ पुलिस व्यापारियों के जान-माल की रक्षा के लिए ढाल बनकर खड़ी है।”
अनिल कुमार सोनी, एडिशनल एसपी
एसएसपी का कड़ा संदेश : “अपराधियों के लिए शहर में कोई जगह नहीं” – एसएसपी शशि मोहन सिंह ने साफ कर दिया है कि जिला मुख्यालय से लेकर थानों तक पुलिस अब केवल थानों में नहीं, बल्कि जनता के बीच रहेगी। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
टीम ऑन ग्राउंड : इस पैदल मार्च में नगर कोतवाल सुखनंदन पटेल, प्रशांत राव और कोतवाली सहित पुलिस लाइन का भारी बल मौजूद रहा।




