वनांचल में विकास की ‘रफ्तार’ : बरकसपाली-रेंगालबहरी सड़क को मिली मंजूरी, सुधरेगी ग्रामीणों की तकदीर…

रायगढ़। जिले के सुदूर और खनन प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास की धूल नहीं, बल्कि पक्की सड़कों की चमक दिखाई देगी। राज्य शासन की सुशासन नीति के तहत कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने तमनार विकासखंड के बरकसपाली से रेंगालबहरी मार्ग निर्माण को हरी झंडी दे दी है। 128.09 लाख रुपए की लागत से बनने वाली यह सड़क केवल डामर की पट्टी नहीं, बल्कि ग्रामीणों की समृद्धि का नया गलियारा साबित होगी।
खनिज मद (DMF) से विकास को नई धार – खनन प्रभावित क्षेत्रों के उत्थान के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) का उपयोग अब सीधे धरातल पर दिखने लगा है। आगामी वर्षा ऋतु से पहले काम पूरा करने के लक्ष्य के साथ, प्रशासन ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में यह बड़ा कदम उठाया है।
क्यों खास है यह सड़क निर्माण? –
- आर्थिक क्रांति : सुगम सड़क से किसानों की कृषि उपज अब सीधे और जल्दी बाजार तक पहुंचेगी, जिससे उनकी आय में इजाफा होगा।
- रोजगार के अवसर : निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय ग्रामीणों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
- बेहतर कनेक्टिविटी : स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच अब मिनटों में संभव होगी।
- समय-सीमा : प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस कार्य को एक वर्ष के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
“गुणवत्ता से समझौता कतई नहीं”
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने विभागीय अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सुशासन का संकल्प : अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे लाभ – यह परियोजना स्पष्ट करती है कि जिला प्रशासन का लक्ष्य केवल शहर नहीं, बल्कि जिले के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक शासन की योजनाओं को पहुंचाना है। बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं को खनन प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता देकर प्रशासन ग्रामीणों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए संकल्पित है।




