खुलेआम अवैध शराब बिक्री : अवैध कारोबारियों के दिल से पुलिस का खौफ, पूरी तरह हो चुका खत्म

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्ली राजहरा शहर के नया बस स्टैंड में अवैध शराब बिक्री का मामला सुर्खियों में है। एक दिव्यांग व्यक्ति, जो बाहर से ठेले में नाश्ता दुकान चलाता दिखता है, कथित रूप से उसी स्थान से अवैध शराब की खुली बिक्री कर रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि यह सब कुछ पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है, और इसके बावजूद कार्यवाही न होना कई सवाल खड़े करता है।
आपको बता दें कि शहर के नया बस स्टैण्ड में एक समोसा भजिया नाश्ता बेचने के नाम पर यह दिव्यांग व्यक्ति और उसका पुत्र खुलेआम अवैध शराब की बिक्री कर रहा है। रोजाना बस स्टैण्ड में से होकर राजहरा पुलिस का पेट्रोलिंग वाहन गुजरता है। वर्दीधारियों को शराबियों की भीड़, शराब खरीदते दिखाई भी देती है। लेकिन क्या मजबूरी है कि पुलिस विभाग के इन जिम्मेदारों की यहां आंखे बंद हो जाती है। पुलिस की नौकरी में भर्ती के समय ली गई शपथ तक वे भूल गए है।

शहर के लोगो का कहना है कि जब एक समोसा भजिया नाश्ता बेचने वाला परिवार शहर के सबसे व्यस्ततम स्थल बस स्टैण्ड पर खुलेआम अवैध शराब बेच सकता है तो शहर के बाकी इलाकों का क्या हाल होगा। अलग अलग जगहों से बस में यात्रा कर रहे यात्री जब शहर में राजहरा पुलिस की इस कामचोरी को देखते होंगे तो इस बात से पुलिस विभाग का सीना चौड़ा होता होगा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, नया बस स्टैंड में स्थित उक्त दुकान में दिनभर शराबियों की भीड़ देखी जाती है। शराबी बताते है कि दुकानदार ने दुकान के भीतर ही शराब पीने की भी व्यवस्था कर रखी है, जिससे सार्वजनिक स्थान पर शांति व्यवस्था भंग हो रही है। यह स्थान यात्रियों, महिलाओं और बच्चों की नियमित आवाजाही वाला क्षेत्र है, जहां ऐसी गतिविधियों से असुरक्षा का माहौल बन गया है।

शहरवासियों का कहना है कि राजहरा पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी दिनभर कई बार इस मार्ग से गुजरती है। बावजूद इसके, शराब की बिक्री और उसका सेवन खुलेआम होते देखना वर्दीधारियों की निष्क्रियता को उजागर करता है। इससे यह भी सवाल उठते हैं कि क्या पुलिस को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं?
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस विभाग द्वारा बस स्टैण्ड के जीवन होटल में चल रहे अघोषित बॉर पर कोई कार्यवाही ही नहीं की जा रही जबकि इस मामले पर कई बार समाचार प्रकाशित हो चुका है। बालोद जिला पुलिस अधीक्षक भी अवैध शराब के इस गंभीर मामले पर चुप्पी साधे हुए है। राजहरा पुलिस की यह निष्क्रियता कानून व्यवस्था की गंभीर अनदेखी है। जनहित के मामलों में सक्रियता दिखाने वाली पुलिस, इस प्रकार के खुले उल्लंघनों पर मौन क्यों है?
शहर के जागरूक नागरिकों ने प्रशासन और आबकारी विभाग से मांग की है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए सख्त कार्यवाही की जाए। एक ओर सरकार नशामुक्ति और स्वच्छ समाज की बात करती है, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की अवैध गतिविधियां पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर रही हैं। दल्ली राजहरा जैसे छोटे नगरों में ऐसी घटनाएं यदि यूं ही नजरअंदाज होती रहीं, तो कानून व्यवस्था का ढांचा ही कमजोर हो जाएगा।




