संदिग्ध मौत ने उगला पुलिस लापरवाही का सच, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा…

रायगढ़। जिले के रैरूमा थाना चौकी क्षेत्र में 20 वर्षीय युवक मायकल मिंज की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को हिला दिया है। ग्रामीण इसे हत्या मान रहे हैं और पुलिस की शुरुआती लापरवाही से आक्रोशित होकर गुरुवार को सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया।
तीन साल का प्रेम, लेकिन अंत मौत पर : 1 सितंबर की रात 8 बजे प्रेमिका ने मायकल को फोन कर मिलने बुलाया। दोनों के बीच पिछले तीन साल से प्रेम संबंध थे। मायकल घर से निकला, लेकिन वह कभी वापस नहीं लौटा।

अगले दिन 2 सितंबर को दोपहर 3 बजे उसका शव खेत में तेंदू के पेड़ पर पतली नारियल रस्सी से लटका मिला। यह दृश्य देखकर गांव में सनसनी फैल गई।
पुलिस की देरी और संदिग्ध हालात : सूचना मिलने पर भी पुलिस ने शव को उसी रात नहीं उतारा। 3 सितंबर की सुबह चौकी प्रभारी और आरक्षक ने पंचनामा किया। फॉरेंसिक जांच में सिर पर कठोर वस्तु से गहरी चोट के निशान पाए गए, जिसने हत्या की आशंका को और मजबूत कर दिया।

ग्रामीणों का आरोप और गुस्सा : गांव वालों ने सीधा आरोप प्रेमिका के परिजनों पर लगाया है। उनका कहना है कि मायकल की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है।
पुलिस की शुरुआती टालमटोल से गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
पुलिस का आश्वासन : ग्रामजनों के दबाव के बाद पुलिस ने भरोसा दिलाया कि मामले की गहन जांच होगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
यह मामला सिर्फ एक मौत का नहीं, बल्कि प्रेम, अविश्वास और पुलिस की लापरवाही के बीच दबे सच का है। ग्रामीणों का सवाल है“अगर सिर पर चोट है तो फांसी कैसे?”




