क्राइम मीटिंग में फूटा एसएसपी का गुस्सा : ‘काम दिखाएं या कार्रवाई झेलें’, पेंडेंसी निपटाने अब सीनियर कांस्टेबल भी करेंगे केस डायरी तैयार…

रायगढ़। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित मासिक अपराध समीक्षा बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह का सख्त और तीखा रुख देखने को मिला। थानों में लंबित मामलों (पेंडेंसी) के बढ़ते ढेर, आबकारी एक्ट में धीमी रफ्तार और जांच में हीलाहवाली को लेकर एसएसपी ने थाना और चौकी प्रभारियों की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने साफ लफ्जों में चेतावनी दी कि पुलिसिंग अब टेबल तक सीमित नहीं रहेगी; जो थानेदार रिजल्ट देंगे उन्हें इनाम मिलेगा, और जो मामलों को दबाकर बैठेंगे उन पर विभागीय गाज गिरना तय है।
यह बैठक आगामी गणेश उत्सव, ऐतिहासिक चक्रधर समारोह और जिले की कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से बुलाई गई थी, जिसमें जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, सीएसपी, डीएसपी, थाना प्रभारी और शाखा प्रभारी मौजूद रहे।
पेंडेंसी पर अल्टीमेटम : 60-90 दिन में चालान पेश करें, सीनियर आरक्षक भी संभालेंगे विवेचना – समीक्षा बैठक के दौरान थानों में सामान्य अपराधों और लंबित मर्ग के मामलों को लेकर एसएसपी ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने दो टूक कहा कि अपराधों का समय पर निराकरण पुलिस की पहली जवाबदेही है।
- सीनियर आरक्षकों को जांच का जिम्मा : फाइलों का बोझ घटाने के लिए एसएसपी ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए आदेश दिया कि प्रत्येक थाना प्रभारी अपने थाने के कम से कम दो सीनियर आरक्षकों को सामान्य अपराधों की विवेचना सौंपें।
- समय-सीमा का पहरा : नवीन आपराधिक कानूनों के तहत 60 से 90 दिनों के भीतर मुकदमों के त्वरित निकाल का निर्देश दिया गया। उन्होंने याद दिलाया कि पुलिस मुख्यालय स्तर पर हर जिले की लगातार मॉनिटरिंग हो रही है, इसलिए किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- अपहरण और गुमशुदगी पर फोकस : अदालती दिशा-निर्देशों के तहत गुमशुदगी के मामलों में सीधे दर्ज हो रहे अपहरण के अपराधों की पेंडेंसी बढ़ने पर एसएसपी ने विशेष अभियान चलाकर लापता लोगों की बरामदगी सुनिश्चित करने को कहा। तीन महीने से पुराने मर्ग मामलों को भी प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए।
गणेश उत्सव और चक्रधर समारोह : सुरक्षा का अभेद्य घेरा, डीजे विवाद पर सख्ती – आगामी गणेश उत्सव और जिले के सांस्कृतिक गौरव चक्रधर समारोह को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए एसएसपी ने अफसरों को मैदानी स्तर पर सक्रिय होने के निर्देश दिए:
- समितियों के साथ समन्वय : सभी थाना प्रभारी अपने इलाकों की गणेश समितियों के साथ अनिवार्य रूप से शांति समिति की बैठक करें। पंडालों के बाहर सड़क जाम न हो, पर्याप्त पार्किंग स्थल चिन्हित हों और रात के वक्त पंडालों की सुरक्षा के लिए समितियों द्वारा जिम्मेदार वालंटियर तैनात किए जाएं।
- क्विक रिस्पॉन्स सिस्टम : समितियों के प्रमुख पदाधिकारियों के नाम-नंबर थानों में दर्ज किए जाएं, वहीं आयोजकों को संबंधित थाना प्रभारी, पेट्रोलिंग टीम और डायल-112 के आपातकालीन नंबर उपलब्ध कराए जाएं।
- विसर्जन और डीजे पर पैनी नजर : विसर्जन रूट और समय-सारिणी पहले से तय करने के निर्देश दिए गए हैं। डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों को लेकर किसी भी तरह के विवाद या प्रशासन के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
- कलाकारों और अतिथियों की सुरक्षा : चक्रधर समारोह को लेकर जिला प्रशासन के साथ पुख्ता तालमेल बिठाते हुए कार्यक्रम स्थल और बाहर से आने वाले ख्यातिप्राप्त कलाकारों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएंगे।
‘ऑपरेशन आघात’ में तेजी, कबाड़-शराब और सट्टा माफिया पर सीधा वार – बैठक में आबकारी एक्ट के मामलों में आई गिरावट पर भी तल्ख टिप्पणी की गई। एसएसपी ने आदेश दिया कि ‘ऑपरेशन आघात’ को और आक्रामक बनाया जाए।
- ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में अवैध शराब के अड्डों, अवैध कबाड़ के धंधे और जुआ-सट्टा के सिंडिकेट पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जाए।
- सड़क हादसों की रोकथाम के लिए जिले के चिन्हित ‘ब्लैक स्पॉट्स’ पर ट्रैफिक और संबंधित थाना पुलिस संयुक्त रूप से मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नियमित चालानी कार्रवाई करे, साथ ही आमजन को हेलमेट, सीटबेल्ट और ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने अभियान चलाए।
होटलों और किराएदारों की कुंडली ‘समाधान ऐप’ में दर्ज करना अनिवार्य – शहर और कस्बों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए एसएसपी ने सत्यापन प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है:
- सभी थाना क्षेत्रों में लॉज, होटलों और किराएदारों की साप्ताहिक जांच होगी।
- बाहर से आकर रहने वाले अप्रवासी नागरिकों और मुसाफिरों का ब्योरा पुलिस के ‘समाधान ऐप’ में दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। इसमें कोताही बरतने वाले होटल संचालकों और मकान मालिकों पर भी कानूनी शिकंजा कसेगा।
साइबर जागृति अभियान: रायगढ़ पुलिस को अव्वल रखने का संकल्प – प्रदेशभर में चल रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ की समीक्षा करते हुए एसएसपी ने कहा कि साइबर सुरक्षा को लेकर सभी जिलों में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा चल रही है और रायगढ़ को इसमें अग्रणी भूमिका निभानी है।
- स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक साइबर अवेयरनेस कार्यक्रम चलाए जाएं ताकि लोग वित्तीय ठगी और ऑनलाइन अपराधों से बच सकें।
- रायगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित की जा रही ‘लघु फिल्म प्रतियोगिता’ का व्यापक प्रचार-प्रसार कर स्थानीय क्रिएटर्स और युवाओं को जोड़ने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान प्रशिक्षु उप निरीक्षकों (एसआई) के प्रशिक्षण की प्रगति की भी समीक्षा की गई, जिन्हें डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने अलग से बैठक लेकर व्यावहारिक कार्यप्रणाली के टिप्स दिए।
इस उच्चस्तरीय बैठक में एएसपी अनिल सोनी, एएसपी (यातायात) पुष्पेंद्र बघेल, सीएसपी मयंक मिश्रा, डीएसपी उन्नति ठाकुर, एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी, एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव, डीएसपी (ट्रैफिक) उत्तम प्रताप सिंह, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, राहुल उईके, शिखर मरावी और रक्षित निरीक्षक अमित सिंह सहित जिलेभर के सभी थाना व शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।




