पत्थलगांव मे “बीजेपी की गुंडागर्दी कैसी होती है, आज दिखा देता हूं…” सत्ता के नशे में चूर नेता ने महिला के घर घुसकर दी मौत की धमकी, कटघरे में विधायक गोमती साय!…

पत्थलगांव | विशेष रिपोर्ट। क्या सत्ता का नशा इतना गहरा होता है कि वह कानून, मर्यादा और महिला सुरक्षा के सारे दावों को सरेआम कुचल दे? पत्थलगांव से सामने आए एक वायरल वीडियो ने इस सवाल को बेहद खौफनाक तरीके से सच साबित कर दिया है। ‘सुशासन’ और ‘महिला सम्मान’ के नारों के बीच, बीजेपी से जुड़े कथित नेता अवधेश गुप्ता का एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे इलाके के रोंगटे खड़े कर दिए हैं और सिस्टम की कार्यप्रणाली पर कालिख पोत दी है।
इस वीडियो में सत्ता की हनक और राजनीतिक रसूख का ऐसा वीभत्स नंगा नाच देखने को मिल रहा है, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है।
सत्ता का अहंकार और ‘गुंडागर्दी’ का खुला प्रदर्शन – बुधवार सुबह की इस कथित घटना के वायरल वीडियो में अवधेश गुप्ता नाम का यह व्यक्ति खुलेआम एक महिला के घर में घुसता है। उसके मुंह से न सिर्फ गालियों और अभद्र भाषा का सैलाब बह रहा है, बल्कि वह महिला को सरेआम जान से मारने की धमकी दे रहा है। हद तो तब हो गई जब सत्ता के मद में चूर इस व्यक्ति ने सारी मर्यादाएं लांघते हुए कैमरे के सामने ही दहाड़ते हुए कहा:
“बीजेपी की गुंडागर्दी कैसी होती है, आज दिखा देता हूं।”
इस एक वाक्य ने न सिर्फ पत्थलगांव में कानून-व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है, बल्कि पूरी पार्टी की छवि को भी दांव पर लगा दिया है। सवाल यह है कि एक महिला के घर में घुसकर ऐसी दबंगई दिखाने का दुस्साहस इसे कहां से मिल रहा है?
क्या रसूख के आगे नतमस्तक है कानून? – स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों की मानें तो अवधेश गुप्ता के लिए विवादों में रहना कोई नई बात नहीं है। दबी जुबान में लोग बता रहे हैं कि इस शख्स के खिलाफ पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं और शिकायतें पुलिस की चौखट तक पहुंची हैं। लेकिन सत्ता और पारिवारिक रसूख की मजबूत छतरी ने हर बार इसे बचा लिया!
जनता अब खौफ में है। लोगों का सीधा सा सवाल है- जब एक ‘नेता’ दिनदहाड़े महिला के घर में घुसकर राजनीतिक पार्टी का नाम लेकर उसे जान से मारने की धमकी दे सकता है, तो आम आदमी इस ‘सिस्टम’ में खुद को सुरक्षित कैसे माने?
विधायक गोमती साय से जनता के 4 चुभते हुए सवाल – इस शर्मनाक घटना के बाद पत्थलगांव की जनता में भारी उबाल है और लोगों का गुस्सा सीधे क्षेत्रीय विधायक गोमती साय पर फूट रहा है। जनता अब बंद कमरों की राजनीति नहीं, बल्कि सड़क पर न्याय चाहती है और विधायक से ये सीधे सवाल पूछ रही है:
- पहला : क्या एक बेबस महिला के घर में घुसकर उसे मौत की धमकी देने वाले इस कथित नेता पर तत्काल और निष्पक्ष एफआईआर (FIR) दर्ज कर उसे जेल भेजा जाएगा?
- दूसरा : क्या ‘पार्टी की गुंडागर्दी’ दिखाने का दावा करने वाले इस शख्स को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है? अगर नहीं, तो अब तक पुलिस के हाथ इस तक क्यों नहीं पहुंचे?
- तीसरा : मंचों से किए जाने वाले ‘महिला सुरक्षा’ और ‘सुशासन’ के बड़े-बड़े दावों और इस खौफनाक जमीनी हकीकत के बीच इतना बड़ा अंतर क्यों है?
- चौथा : क्या इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर विधायक महोदया दोषियों पर इतनी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी जो भविष्य के लिए एक नजीर बने?
अब खाकी और प्रशासन की साख दांव पर – वायरल वीडियो ने पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। अब गेंद पूरी तरह से पुलिस-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के पाले में है।
पत्थलगांव की सड़कों पर आज बस एक ही सवाल गूंज रहा है— इस शहर में कानून की किताब चलेगी या सत्ता के रसूखदारों की गुंडागर्दी? यदि इस मामले में लीपापोती की गई या आरोपी को बचाने की कोशिश हुई, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि महिला सुरक्षा के दावे केवल कागजों और चुनावी पोस्टरों तक ही सीमित हैं। वक्त आ गया है कि सिस्टम यह साबित करे कि न्याय अंधा होता है, सत्ता का गुलाम नहीं!




