रायगढ़

जिंदगी और मौत के बीच 60 मिनट : पलटे ट्रक के नीचे दबा था मजदूर, तमनार पुलिस और ग्रामीणों ने क्रेन से खींच निकाली सांसें…

रायगढ़।  सड़क किनारे पलटा लकड़ी से लदा वजनी ट्रक, मलबे के नीचे फंसी एक चीख और तेजी से घटती सांसों की उल्टी गिनती। गुरुवार दोपहर तमनार इलाके में कसडोल-घटोरिया मार्ग पर अमरैय्या के पास जब वन विभाग का ट्रक पलटा, तो एक मजदूर की जिंदगी पहियों के भारी बोझ तले दब गई। तमनार पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों की सूझबूझ और तत्परता ने एक घंटे चले हाई-वोल्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन के दम पर मौत के जबड़े से मजदूर को सही-सलामत खींच निकाला।

सामने से आई गाड़ी, पलक झपकते ही मलबे में तब्दील हुआ सफर – नागरामुड़ा से लकड़ी लादकर रायगढ़ डिपो जा रहा वन विभाग का भारी-भरकम ट्रक जब अमरैय्या पहुंचा, तभी सामने से आ रहे वाहन को साइड देने की कोशिश में चालक का नियंत्रण छूट गया। चंद सेकंडों में चीख-पुकार मची और विशालकाय वाहन सड़क किनारे जा पलटा। केबिन में मौजूद चालक और अन्य मजदूरों ने खिड़कियां तोड़कर किसी तरह बाहर छलांग लगा दी, लेकिन उर्दना (रायगढ़) निवासी मजदूर रजी उरांव की किस्मत ने दगा दे दिया। भारी ट्रक सीधे उसके ऊपर आ गिरा और कमर से नीचे का पूरा हिस्सा मलबे में जकड़ गया।

मिट्टी हटाने से बात नहीं बनी तो मंगाया हाइड्रा – हादसे की खबर मिलते ही तमनार थाना प्रभारी प्रशांत राव दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़ और दर्द से कराहते मजदूर को देख पुलिस ने बिना एक पल गंवाए राहत कार्य शुरू किया। पहले हाथों और फावड़ों से मिट्टी हटाकर रजी को खींचने की कोशिश की गई, लेकिन लकड़ियों और लोहे के भारी वजन के आगे यह नाकाफी साबित हुआ।

क्रेन से उठा ट्रक, एंबुलेंस से दौड़ी जिंदगी – मामले की नजाकत को भांपते हुए पुलिस ने तत्काल पहले जेसीबी और फिर पास की कंपनी से भारी-भरकम हाइड्रा क्रेन को तलब किया। पुलिस जवानों और ग्रामीणों ने तालमेल बैठाते हुए बेहद सावधानी से क्रेन के जरिए ट्रक को इंच-दर-इंच ऊपर उठाया, ताकि फंसे हुए मजदूर को कोई और गंभीर चोट न पहुंचे।

​करीब एक घंटे तक चले इस सांस रोक देने वाले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जैसे ही रजी उरांव को बाहर निकाला गया, मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। पुलिस ने घटनास्थल पर पहले ही 108 एंबुलेंस को अलर्ट पर रखा था। मजदूर को बाहर लाते ही स्ट्रेचर पर डालकर तुरंत अस्पताल रवाना किया गया, जहां उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। तमनार पुलिस की त्वरित सोच और ग्रामीणों के जज्बे ने आज एक परिवार का चिराग बुझने से बचा लिया।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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