अंबिकापुर कोर्ट में फर्जी जमानत रैकेट का पर्दाफाश : सरगुजा पुलिस ने दबोचे 7 शातिर, जाली पट्टा और कूट रचित आधार कार्ड से चल रहा था अवैध खेल…

अंबिकापुर। न्यायालयीन प्रक्रिया को चकमा देकर गंभीर अपराधों के आरोपियों को फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमानत दिलाने वाले एक बड़े अंतरजिला गिरोह का सरगुजा पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। कोतवाली थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने त्वरित घेराबंदी करते हुए सरगना और दलाल समेत कुल 7 आरोपियों (जिनमें 3 महिलाएं शामिल हैं) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
कैसे खुला खेल: कला केंद्र मैदान में बिछा जाल – 11 सितंबर को कोतवाली पुलिस को सटीक मुखबिर सूचना मिली कि कुछ लोग कोर्ट परिसर के इर्द-गिर्द फर्जी किसान पट्टा (ऋण पुस्तिका) और पहचान पत्रों के जरिए जमानत का अवैध धंधा चला रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीआईजी व एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देश पर एएसपी रितेश चौधरी और सीएसपी राहुल बंसल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने कला केंद्र मैदान के चबूतरे पर संदिग्ध हालत में मौजूद पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
तलाशी के दौरान आरोपियों की होंडा एक्टिवा (CG/15/DU/8688) की डिक्की से 5 नग फर्जी किसान पट्टे और जाली पहचान पत्र बरामद हुए। दस्तावेजों पर फर्जी सील लगी थी और अधिकृत हस्ताक्षर गायब थे।
पैसे लेकर बनाते थे ‘फर्जी जमानती’, सरगना तक पहुंची पुलिस – कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे कोर्ट में जरूरतमंद आरोपियों की तलाश करते थे और मोटी रकम लेकर फर्जी पट्टे के जरिए उनकी जमानत कराते थे। आरोपियों की निशानदेही पर फर्जी पट्टा उपलब्ध कराने वाले दलाल राज जायसवाल (घुटरापारा) और मुख्य साजिशकर्ता शशिभूषण सिंह (नवापारा) को भी दबोच लिया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि शशिभूषण सिंह के जरिए ही ये जाली पट्टे और फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे।
पुलिस गिरफ्त में आए आरोपी :
- बुधराम गोंड (55 वर्ष) – अजबनगर, जयनगर (सूरजपुर)
- अजय मानिकपुरी उर्फ जयलाल (40 वर्ष) – बलसेंडी, गांधीनगर
- रामेश्वरी यादव (30 वर्ष) – लब्जी, गांधीनगर
- दशमेत गोंड (40 वर्ष) – अजबनगर, जयनगर (सूरजपुर)
- ममता पैकरा उर्फ बिलासो (29 वर्ष) – बेलसेंडी, गांधीनगर
- राज जायसवाल (34 वर्ष, दलाल) – घुटरापारा, अंबिकापुर
- शशिभूषण सिंह (36 वर्ष, दस्तावेज निर्माता) – नवापारा, अंबिकापुर
जप्त सामग्री एवं कानूनी शिकंजा – पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 फर्जी पट्टे, जाली पहचान पत्र, 6 मोबाइल फोन, 1 होंडा एक्टिवा, 1 लैपटॉप, 2 प्रिंटर और कंप्यूटर उपकरण जब्त किए हैं। थाना कोतवाली में आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 319(2) एवं 61(2) के तहत अपराध क्रमांक 639/26 दर्ज कर सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
सरगुजा पुलिस की दो-टूक चेतावनी : पुलिस प्रशासन ने नागरिकों को आगाह किया है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को जमानत के लिए अपनी ऋण पुस्तिका या पट्टा न दें। ऐसा करने पर न केवल धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं, बल्कि आरोपी के फरार होने की स्थिति में वास्तविक पट्टा भी राजसात हो सकता है।




