सरगुजा : बेलदगी पंचायत में 5 लाख के गबन का आरोप, 20 दिन बाद भी CM हेल्पलाइन ठप?…CEO पर ‘संरक्षण’ देने के गंभीर आरोप…

सरगुजा। सूबे के मुखिया की महत्वाकांक्षी योजना ‘मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076’ लखनपुर जनपद पंचायत में फाइलों के नीचे दबी नजर आ रही है। ग्राम पंचायत बेलदगी में हुए कथित वित्तीय भ्रष्टाचार का मामला अब तूल पकड़ चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि 5 लाख रुपये की प्रशासनिक राशि के खुर्द-बुर्द होने की शिकायत को 20 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन जनपद प्रशासन कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। ग्रामीण अब सीधे जनपद सीईओ प्रकाश पर भ्रष्टाचार के आरोपियों को ‘अभयदान’ देने का संगीन आरोप लगा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला? – ग्राम पंचायत बेलदगी में विकास कार्यों के नाम पर आई लगभग 5 लाख रुपये की राशि में भारी बंदरबांट का आरोप है। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, सरपंच और सचिव ने मिलकर शासकीय राशि का जमकर दुरुपयोग और गबन किया है। इस वित्तीय अनियमितता के खिलाफ ग्रामीणों ने बाकायदा साक्ष्यों के साथ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई थी।
‘साहब’ की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल : संरक्षण या लापरवाही? – नियमतः सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर त्वरित और समयबद्ध कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन बेलदगी के मामले में 20 दिन बाद भी नतीजा ‘सिफर’ है। ग्रामीणों का सीधा और तीखा आरोप है कि:
”जनपद पंचायत लखनपुर के सीईओ प्रकाश इस पूरे मामले में जानबूझकर ढीली कार्रवाई कर रहे हैं। जांच को भटकाया जा रहा है और आरोपियों को बचाने के लिए उन्हें प्रशासनिक संरक्षण दिया जा रहा है।”
ग्रामीणों ने शिकायत की ट्रैकिंग का स्क्रीनशॉट भी मीडिया के सामने साझा किया है, जो व्यवस्था की सुस्ती को बयां करने के लिए काफी है।
उग्र आंदोलन की तैयारी में ग्रामीण – प्रशासनिक उदासीनता से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। इस मामले को लेकर उच्च अधिकारियों समेत शासन स्तर पर बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह स्थानीय जनपद प्रशासन की होगी।
फिलहाल आधिकारिक बयान का इंतजार – हालांकि, जनपद सीईओ या बेलदगी पंचायत के जिम्मेदार पदाधिकारियों पर लगे इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है। देखना होगा कि इस तीखे विरोध और मीडिया में मामला उछलने के बाद क्या लखनपुर जनपद प्रशासन हरकत में आता है, या फिर ‘जांच का भरोसा’ देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
ब्यूरो रिपोर्ट, सरगुजा।




