
फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद/डौण्डीलोहारा। जिले की डौण्डीलोहारा पुलिस और साइबर सेल टीम बालोद की संयुक्त कार्यवाही में गांजा तस्करों के ख़िलाफ़ बड़ी और सफल एंबुशिंग हुई। उड़ीसा से अधिक मात्रा में गांजा लेकर मध्य प्रदेश की ओर जा रहे पाँच तस्करों को ग्राम भेड़ी तिराहा डौण्डीलोहारा बालोद मार्ग के पास नाकाबंदी कर रोका गया। आरोपियों से कुल 72.621 किलोग्राम गांजा जिसकी अनुमानित कीमत 36,31,050 रुपये है, साथ ही 04 नग मोटरसाइकिल और 04 नग विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फ़ोन ज़ब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत 40,52,050 रुपये बताई गई। पाँच गांजा तस्करों को गिरफ़्तार किया गया, जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है।

मुखबिर की सूचना पर शुरू हुई कार्यवाही
दिनांक 09 जून 2026 को मोबाइल से मुखबिर की सूचना मिली कि उड़ीसा से चार मोटरसाइकिल में कुल छह लोग सवार होकर अधिक मात्रा में गांजा लेकर निकले हैं। मुखबिर ने विस्तृत जानकारी दी कि पहले मोटरसाइकिल में दो लोग बैठे हैं जो सामने का रास्ता देख रहे हैं, उसके पीछे दो मोटरसाइकिल में एक-एक लोग सवार हैं और दोनों मोटरसाइकिल में पीछे की ओर लोहे का कैरियर बनाकर उसके ऊपर काला रंग के बड़े प्लास्टिक टब रखे हैं, जिनमें गांजा छिपाकर रखा गया है। एक मोटरसाइकिल पीछे है जिसमें भी दो लोग बैठे हैं जो पीछे का रास्ता देख रहे हैं। सभी लोग बालोद होते हुए डौण्डीलोहारा से मध्य प्रदेश की ओर जा रहे थे।
थाना प्रभारी सुनील तिर्की की तत्परता और रणनीति
इस बड़ी कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील तिर्की की तत्परता और रणनीतिक सोच को अहम माना जाता है। मुखबिर की सूचना मिलते ही वे तुरंत कार्रवाई पर अग्रसर हुए और साइबर सेल टीम बालोद के साथ मिलकर ग्राम भेड़ी तिराहा पर नाकाबंदी व एंबुश की योजना बनाई। उनकी रणनीति इतनी सुरक्षित थी कि पुलिस ने बालोद की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को चेक करते हुए संदेही मोटरसाइकिल को सही समय पर रोका। सुनील तिर्की की नेतृत्व क्षमता और दबंग कार्यवाही ने तस्करों को पूरी तरह घेराबंदी में रखकर गिरफ़्तार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके तत्पर हस्तक्षेप और तैनाती के कारण तस्करों को भागने का कोई रास्ता नहीं मिला।

नाकाबंदी, एंबुश और सभी मोटरसाइकिल को रोका जाना
पुलिस स्टाफ, साइबर सेल टीम बालोद और गवाहान के मौके पर रवाना हुए। ग्राम भेड़ी के तिराहा के पास पहुंचकर स्टाफ के साथ दबिश देकर नाकाबंदी कर एंबुश लगाया गया। कुछ समय तक बालोद की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को चेक करते रहे। इसी दौरान मुखबिर द्वारा बताए गए मोटरसाइकिल क्रमांक एमपी 38 जेडए 6414 आते दिखाई दिया, जिसे रोकने पर पीछे बैठा एक व्यक्ति पुलिस को देखकर मोटरसाइकिल से कूद कर भाग गया। मोटरसाइकिल चालक को घेराबंदी कर रोका गया। एंबुश को बनाए रखते समय एक-एक करके संदेही एमपी पासिंग वाहन जिसमें बड़ा प्लास्टिक टब काला रंग का बंधा था, आए। जिन्हें भी मौके पर रोका गया। चौथे मोटरसाइकिल भी कुछ समय बाद आया जिसे भी रोका कर रखा गया।

तलाशी में गांजा के पैकेट बरामद
संदेही श्याम गोंड, पवन गोंड, प्रदीप चौहान, संजय कुमावत और धारा सिंह उर्फ तारा सिंह का बारी-बारी तलाशी लिया गया। तीन संदेही के पास मोटरसाइकिल और मोटरसाइकिल में रखे बेग में दैनिक कपड़ों के अलावा कोई भी आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। दो संदेही जो अपने मोटरसाइकिल में पीछे भाग में लोहे के राड पट्टी से कैरियर बनाकर उसके ऊपर बड़ा काला रंग प्लास्टिक टब रखे थे, जिनका तलाशी लिया गया।
संदेही पदन कुमार गोड़ के कब्जे से मोटरसाइकिल बिना नंबर एसपी होण्डा शाइन काला लाल रंग का तलाशी लेने पर प्लास्टिक टब में रस्सी बंधा था। जिसे खोलकर देखने पर बारी-बारी टब को हटाते गए, उपर से दो टब हटाने पर अन्य टब का पेंदा/सतह भाग को काटकर होल बनाया गया पाया गया, जिसमें भूरे रंग के छोटे बड़े पैकेट में कुछ वजनी वस्तु रखा मिला। बारी-बारी पैकेट को निकालने पर कुल 22 नग पैकेट मिला तथा कुल टब की संख्या 28 नग, जिसमें दो टब का सतह/पेंदा सही था, बाकी काटकर होल बनाया गया था।
संदेही श्याम गोड़ के कब्जे के मोटरसाइकिल होण्डा एमपी 04 क्यूएल 2667 का तलाशी लेने कुल 28 नग पैकेट मिला, जिसे ज़ब्त किया गया। बरामद वस्तु को गांजा मादक पदार्थ होना पाये जाने से इलेक्ट्रानिक तराजू पर वजन किया गया, जो गांजा का कुल वजन 72.621 किलोग्राम कीमती 36,31,050 रुपये है।

गिरफ़्तार आरोपियों को जेल भेजा, नाबालिग को बाल संप्रेषण गृह
मामले की संपूर्ण कार्यवाही कर चार आरोपियों को गिरफ़्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया। विधि से संघर्षरत बालक को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया। आरोपियों के विरूद्ध अपराध क्रमांक 97/2026 धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर भेजा गया जेल।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में हुई कार्यवाही
पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमति मोनिका ठाकुर, उप पुलिस अधीक्षक बोनीफॉस एक्का के निर्देशन में थाना प्रभारी डौण्डीलोहारा निरीक्षक सुनील तिर्की और साइबर सेल टीम बालोद तथा थाना डौण्डीलोहारा स्टाफ के द्वारा यह बड़ी कार्यवाही हुई।
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील तिर्की, सहायक उप निरीक्षक अनित राम यादव, प्रधान आरक्षक विरेन्द्र साहू, प्रधान आरक्षक दिगम्बर वर्मा, आरक्षक विनोद अजय, आरक्षक पुनम खरे, आरक्षक कुमलाल वर्मा, आरक्षक रविशंकर देशलहरे, साइबर सेल टीम बालोद – सहायक उप निरीक्षक धरम भुआर्य, आरक्षक विपिन गुप्ता, आरक्षक पुरन देवांगन, आरक्षक भोपसिंह, आरक्षक आकाश दुबे, आरक्षक संदीप यादव, आरक्षक गुलजारी साहू का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

थाना प्रभारी सुनील तिर्की की तत्परता, रणनीतिक सोच और दबंग कार्यवाही ने इस बड़ी कार्यवाही को सफल बनाया। उनकी नेतृत्व क्षमता और तैनाती के कारण तस्करों को पूरी तरह घेराबंदी में रखकर गिरफ़्तार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
गिरफ्तार आरोपी –
- श्याम गोड़ पिता किशन गोड़ (उम्र 26 साल) पता ग्राम टपराटोला थाना व जिला रायसेन (मध्य प्रदेश)
- पवन गोड़ पिता दारा सिंह गोड़ (उम्र 26 साल) पता वार्ड नंबर 13 राहत गढ़ हनुमान मंदिर के पीछे थाना राहत गढ़ जिला सागर (मध्य प्रदेश)
- प्रदीप चौहान पिता भीम सिंह चौहान (उम्र 20 साल) जाति बैरागी पता ग्राम टपरापठारी थाना व जिला रायसेन (मध्य प्रदेश)
- संजय कुमावत पिता मदन कुमावत (उम्र 20 साल) ग्राम टपरा पठारी थाना रायसेन जिला रायसेन (मध्य प्रदेश)
- विधि से संघर्षरत बालक (मध्य प्रदेश)




