जशपुर पुलिस ने रचा इतिहास: एक ही दिन में 766 गांवों में ‘जन चौपाल’ लगाकर ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज कराया नाम…

जशपुर (25 जून 2026): सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने की दिशा में जशपुर पुलिस ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। हेलमेट के प्रति जन जागरूकता फैलाने के लिए पुलिस ने एक ही दिन में जिले के सभी 766 गांवों में एक साथ ‘जन चौपाल’ लगाकर ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ (Golden Book of World Records) में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज करा लिया है।
यह महाभियान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. लाल उमेद सिंह के कुशल नेतृत्व में चलाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य जिले के अंतिम व्यक्ति तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाना था।
मिशन 766: एक दिन, एक संकल्प : यातायात जागरूकता को शिखर पर ले जाते हुए, जशपुर पुलिस ने 24 जून 2026 को सुबह 10:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक पूरे जिले में एक साथ यह महाभियान चलाया। जिले के सभी 766 गांवों में एक ही समय पर जन चौपाल लगाई गई। अभियान का मुख्य फोकस दो-पहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, चार-पहिया चालकों को सीट बेल्ट लगाने और नशे में वाहन न चलाने के लिए प्रेरित करना था।
आंकड़े जो गवाही देते हैं इस महाभियान की भव्यता की:
- 60,000+ शपथ: जिले के 60 हज़ार से अधिक आम नागरिकों ने सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने की शपथ ली।
- 10,000+ नागरिकों की रैली: जन जागरूकता के लिए निकाली गई हेलमेट रैली में 10 हज़ार से ज्यादा लोगों ने शिरकत की।
- 3,000+ वीडियो अपील: माननीय मुख्यमंत्री, जिले के प्रभारी मंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर हेलमेट पहनने की अपील की।
- 5,000 ‘पुलिस मितान’: जनता और पुलिस के बीच सेतु का काम करने वाले 5 हज़ार स्वयंसेवकों (पुलिस मितान) ने इस अभियान को सफल बनाने में जमीनी स्तर पर मोर्चा संभाला।
डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह को मिला वर्ल्ड रिकॉर्ड का मेडल – इस व्यापक अभियान की सफलता और सार्थकता का बारीकी से परीक्षण करने के बाद, ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ की राज्य प्रमुख सुश्री सोनल राजेश शर्मा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह को सर्टिफिकेट और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।
डॉ. लाल उमेद सिंह ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय अपने सभी अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों, जवानों और जिला प्रशासन को समर्पित किया है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि ग्राम सभाओं ने भी अपने प्रस्तावों में हेलमेट की अनिवार्यता को शामिल कर एक सकारात्मक संदेश दिया है।
सबका मिला साथ, मजबूत हुई ‘बीट प्रणाली’ – इस अभियान की नींव 18 अप्रैल 2026 को ही रख दी गई थी, जब जशपुर कलेक्टर श्री रोहित व्यास और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने रक्षित केंद्र से बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई थी।
सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए जशपुर पुलिस ने एक नई पहल करते हुए जिले के हर गांव में एक पुलिस अधिकारी/कर्मचारी को ‘ग्राम सुरक्षा अधिकारी’ नियुक्त किया है। यह अधिकारी न केवल सुरक्षा व्यवस्था देखेगा, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण कर उन्हें यातायात के प्रति जागरूक भी करेगा। इस संपूर्ण आयोजन में पुलिस विभाग के साथ-साथ जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम, जनपद सीईओ और पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों (सरपंच, पंच, सचिव) का भी अभूतपूर्व योगदान रहा।
जशपुर पुलिस का यह अभियान महज चालान काटने या नियम थोपने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों के भीतर अपनी और अपने परिवार के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाने का एक सशक्त प्रयास है। पूरे प्रदेश के लिए यह एक मिसाल है कि जब पुलिस और प्रशासन जनभागीदारी के साथ कोई कदम उठाते हैं, तो इतिहास रचा जाता है।




