रायगढ़

घरघोड़ा : पत्नी, साले और ससुर पर करोड़ों की संपत्ति हड़पने की साजिश का आरोप, दो गिरफ्तार…

रायगढ़/घरघोड़ा। घरघोड़ा क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यवसायी ने अपनी पत्नी, साले और ससुर पर सुनियोजित तरीके से उसकी मेहनत की कमाई और करोड़ों की संभावित संपत्ति हड़पने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पुलिस जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद घरघोड़ा पुलिस ने पत्नी और साले को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

मामले ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है क्योंकि आरोप केवल घरेलू विवाद तक सीमित नहीं हैं, बल्कि करोड़ों रुपये के आर्थिक लाभ और संपत्ति हड़पने की कथित साजिश से जुड़े हैं।

पत्नी पर भरोसा पड़ा भारी, CCTV ने खोला राज – वार्ड क्रमांक 5, छाल रोड निवासी व्यवसायी पिंगल कुमार बघेल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह फेब्रिकेशन, सेंट्रिंग और मीडिया व्यवसाय से जुड़ा है। वर्ष 2008 में उसका विवाह सीमा यादव उर्फ सीमा बघेल से हुआ था। व्यवसाय में सफलता मिलने के बाद पत्नी के मायके पक्ष का घर में आना-जाना बढ़ गया।

शिकायत के अनुसार पिंगल बघेल रोजाना व्यवसाय से प्राप्त नकदी अपनी पत्नी को सुरक्षित रखने के लिए सौंपता था। लेकिन वर्ष 2014 में उसे रकम में गड़बड़ी का संदेह हुआ। इसके बाद उसने घर में CCTV कैमरे लगवाए। आरोप है कि फुटेज में पत्नी को आलमारी से नकदी निकालकर अपने भाई कृष्ण कुमार यादव को देते हुए देखा गया।
पुलिस जांच में कृष्ण कुमार यादव के बैंक खाते में लगभग 22 लाख रुपये के लेन-देन पाए गए, जबकि उसके पास कोई स्थायी रोजगार नहीं था। इसी आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया।
मुआवजे वाली जमीन पर भी नजर?

शिकायतकर्ता का आरोप है कि वर्ष 2022 में उसने तमनार क्षेत्र में ऐसी भूमि खरीदने की योजना बनाई थी, जिस पर भविष्य में अधिग्रहण होने की स्थिति में करोड़ों रुपये का मुआवजा और नौकरी मिलने की संभावना थी।

आरोप है कि इसी जानकारी का फायदा उठाते हुए पत्नी, साले और ससुर ने दबाव बनाकर करीब 13.50 लाख रुपये की भूमि पत्नी के नाम पर रजिस्ट्री करवा ली। इसके बाद अन्य संपत्तियों पर भी कब्जा जमाने की नीयत से मानसिक प्रताड़ना दी जाने लगी।

SDOP जांच में सामने आई कथित साजिश : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर मामले की जांच एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी को सौंपी गई थी। जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि आरोपियों ने एक राय होकर शिकायतकर्ता को आर्थिक नुकसान पहुंचाने और उसकी संपत्ति पर अनुचित लाभ प्राप्त करने का प्रयास किया।

जांच प्रतिवेदन के आधार पर थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 188/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

पत्नी और साला गिरफ्तार, तीसरे आरोपी की तलाश – थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 4 जून को आरोपी सीमा बघेल और कृष्ण कुमार यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों की गिरफ्तारी की गई तथा उन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

मामले में नामजद तीसरे आरोपी भरतलाल यादव की गिरफ्तारी अभी बाकी है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

आर्थिक अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा : एसएसपी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा कि आर्थिक अपराध, धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक षड्यंत्र जैसे मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाना और आर्थिक अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना पुलिस की प्राथमिकता है।

बड़ा सवाल : इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पारिवारिक रिश्तों की आड़ में आर्थिक विश्वास का दुरुपयोग कितना गंभीर रूप ले सकता है। यदि जांच में लगाए गए आरोप पूरी तरह साबित होते हैं, तो यह घरघोड़ा क्षेत्र के सबसे चर्चित आर्थिक और पारिवारिक षड्यंत्र मामलों में से एक माना जाएगा।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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