रायगढ़ में जमीन का ‘महाघोटाला’: पंचायत सचिव ने बिछाया फर्जी दस्तावेजों का जाल, 27 लाख डकारने वाला ‘नटवरलाल’ गिरफ्तार…

रायगढ़। जिले में भू-माफियाओं और जमीन दलालों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका एक सनसनीखेज मामला पुसौर इलाके से सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि इस बार धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार ‘शासकीय सेवक’ (पंचायत सचिव) निकला। जमीन की फर्जी खरीद-फरोख्त कर 27 लाख रुपये की भारी-भरकम ठगी करने वाले आरोपी पंचायत सचिव को पुसौर पुलिस ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
कैसे बुना गया ठगी का यह मायाजाल? – मिली जानकारी के अनुसार, सारंगढ़-बिलाईगढ़ के ग्राम लिंजिर निवासी 50 वर्षीय इंद्रजीत वर्मा और आरोपी भीचरण पटेल बचपन के परिचित थे। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए बघनपुर निवासी आरोपी भीचरण पटेल ने कोड़ातराई (तहसील पुसौर) स्थित एक जमीन (खसरा नंबर 1021/2) का सौदा 35 लाख रुपये में तय किया। 16 सितंबर 2022 को स्टाम्प पर लिखापढ़ी हुई और पीड़ित ने अपनी गाढ़ी कमाई के 27 लाख रुपये एडवांस के तौर पर आरोपी को सौंप दिए।
शातिर दिमाग : फर्जी किसान किताब और बाउंस चेक का खेल – आरोपी ने पीड़ित को झांसे में रखने के लिए फर्जी किसान किताब और झूठे दस्तावेज दिखाए। जब नामांतरण और रजिस्ट्री में जानबूझकर देरी होने लगी, तो पीड़ित ने खुद तहसील कार्यालय में जाकर पड़ताल की। वहां पता चला कि जमीन के कागजात पूरी तरह फर्जी हैं और वह जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज है।
जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो इस शातिर पंचायत सचिव ने 5 लाख और 11-11 लाख के चेक थमा दिए। बैंक में लगाते ही ये सभी चेक बाउंस हो गए। पुलिस केस न करने का दबाव बनाते हुए आरोपी ने जनवरी 2025 में सिर्फ 1 लाख रुपये लौटाए और बाकी 26 लाख रुपये डकारने की नीयत से टालमटोल करता रहा।
कानून का शिकंजा और पुलिस की त्वरित कार्रवाई – लगातार मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना झेल रहे पीड़ित ने आखिरकार पुसौर थाने का दरवाजा खटखटाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस और उनकी टीम ने त्वरित जांच शुरू की। पर्याप्त साक्ष्य मिलते ही पुलिस ने धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी भीचरण पटेल (54 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया और उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
SSP का सख्त संदेश : “दस्तावेजों की जांच के बिना न करें सौदा” – इस गंभीर मामले पर रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि संपत्ति और आर्थिक अपराधों में लिप्त किसी भी सफेदपोश को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि जमीन के किसी भी सौदे से पहले संबंधित दस्तावेजों का सरकारी दफ्तरों में जाकर विधिवत सत्यापन जरूर करें, ताकि ऐसे जालसाजों से बचा जा सके।




