पाखंड की पराकाष्ठा : ‘चमत्कारी’ बाबा ने इलाज के बहाने महिला से किया रेप, आपत्तिजनक फोटो इंस्टाग्राम पर की वायरल…

जांजगीर-चांपा। धर्म और आस्था की आड़ में छिपे एक और ‘भेड़िए’ का पर्दाफाश हुआ है। शरीर का दर्द ठीक करने का झांसा देकर एक ढोंगी बाबा ने न केवल महिला की अस्मत लूटी, बल्कि विरोध करने पर उसकी गरिमा को सोशल मीडिया पर नीलाम कर दिया। पामगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी निर्मल बाबा (60) को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से गिरफ्तार कर लिया है।
भक्ति की आड़ में बुना जाल : घटना का आगाज़ चैत्र नवरात्रि के दौरान हुआ, जब महाराष्ट्र के नासिक निवासी निर्मल बाबा पदयात्रा करते हुए पामगढ़ पहुँचा। खुद को दैवीय शक्तियों से संपन्न और दुखों का निवारण करने वाला बताकर उसने लोगों को भ्रमित किया। शारीरिक दर्द से परेशान पीड़िता जब अपनी सहेली के साथ बाबा के पास पहुँची, तो आरोपी ने उसका हाथ देखकर ‘चमत्कार’ से ठीक करने का दावा किया और उसका मोबाइल नंबर ले लिया।
नशीला ‘प्रसाद’ और मैहर के होटल में दरिंदगी : 26 मार्च को आरोपी ने पीड़िता को बहला-फुसलाकर मार्केट बुलाया और उसे ‘विशेष प्रसाद’ खिलाया। प्रसाद खाने के बाद पीड़िता बाबा के प्रभाव में आ गई। आरोपी उसे बिलासपुर से ट्रेन के जरिए मध्यप्रदेश के मैहर ले गया। वहां एक होटल में बंधक बनाकर आरोपी ने महिला के साथ कई बार दुष्कर्म किया और उसके कुछ न्यूड फोटो खींच लिए। 1 अप्रैल को आरोपी पीड़िता को बिलासपुर छोड़कर फरार हो गया।
ब्लैकमेलिंग और डिजिटल क्राइम : पीड़िता ने जब लोक-लाज के डर से आरोपी का नंबर ब्लॉक किया, तो पाखंडी बाबा अपनी असलियत पर उतर आया। उसने पीड़िता के नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाई और उसके अश्लील फोटो वायरल कर दिए। परेशान होकर पीड़िता ने 11 अप्रैल 2026 को पामगढ़ थाने में आपबीती सुनाई।
पुलिस की कार्रवाई : हिमाचल से दबोचा गया आरोपी – मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी एसपी निवेदिता पाल के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर पुलिस ने आरोपी का पीछा किया और आखिरकार धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में दबिश देकर उसे धर दबोचा।
”आरोपी ने महिला के साथ न केवल शारीरिक शोषण किया बल्कि तकनीकी माध्यमों का दुरुपयोग कर उसे ब्लैकमेल भी किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2) (एम) और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।”
प्रदीप सोरी, SDOP (अकलतरा), जांजगीर-चांपा




