VIP रोड के फाइव स्टार कमरे में सट्टे का खेला !…बिस्तर पर नोटों का बिस्तर, हाथ में iPhone और सिस्टम को ठेंगा – रायपुर में ‘सट्टा किंग’ का लाइव जलवा!…

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में कानून का खौफ किस कदर खत्म हो चुका है, इसका सबसे घिनौना और सनसनीखेज सबूत VIP रोड से सामने आया है। यहाँ के एक आलीशान होटल के बंद कमरे में सट्टेबाजों ने अपनी ‘समानांतर सरकार’ चला रखी थी। जब मैदान पर क्रिकेट का रोमांच था, तब होटल के भीतर नोटों की गड्डियां गवाह दे रही थीं कि रायपुर अब अपराधियों के लिए ‘अय्याशी का टापू’ बन चुका है।
खबर नहीं, सिस्टम के चेहरे पर तमाचा है यह वीडियो! – सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो रायपुर पुलिस की ‘मुस्तैदी’ की बखिया उधेड़ रहा है। वीडियो के ये मंजर रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं:
- नोटों की नुमाइश : बिस्तर पर रखे 500 के नोटों के बंडल ऐसे पड़े थे जैसे रद्दी कागज हों। यह उस मेहनत की कमाई का मजाक है जो एक आम आदमी ईमानदारी से कमाता है।
- अंधा कानून, नंगा सट्टा : टीवी पर RCB vs MI का मैच चल रहा था और हाथ में iPhone लिए युवक किसी ‘अदृश्य आका’ को दांव की पल-पल की खबर दे रहा था।
- VIP रोड का सन्नाटा और सट्टे का शोर : शहर के सबसे सुरक्षित और रसूखदार इलाके में इतनी बड़ी वारदात पुलिस की ‘बीट गश्त’ को जोकर साबित कर रही है।
सटोरियों की नई ‘राजधानी’ बना रायपुर! – पिछले एक हफ्ते का रिकॉर्ड देखें तो ऐसा लगता है जैसे रायपुर की आबो-हवा में ही सट्टे का जहर घुल गया है।
- हिस्ट्रीशीटर मंजीत का साम्राज्य : दो दिन पहले पकड़ा गया मंजीत तो सिर्फ एक मोहरा था, असली वजीर तो इन होटलों के ठंडे एसी कमरों में बैठकर करोड़ों का हेरफेर कर रहे हैं।
- होटल बना ‘हिडन हेडक्वार्टर’ : गंज से लेकर कबीर नगर तक पुलिस ने छापेमारी की, लेकिन VIP रोड के सफेदपोश होटलों तक पहुंचने में पुलिस के हाथ हमेशा छोटे क्यों पड़ जाते हैं?
तीखे सवाल : जवाब कौन देगा? –
- क्या खाकी का खौफ खत्म हो गया है? सटोरिए न सिर्फ जुआ खेल रहे हैं, बल्कि उसका वीडियो बनाकर वायरल भी कर रहे हैं। यह सीधा पुलिस को चैलेंज है!
- होटल मैनेजमेंट या सट्टे के पार्टनर? क्या होटल के रजिस्टर में एंट्री सिर्फ नाम की थी? बिना मैनेजमेंट की मिलीभगत के इतना बड़ा कैश और सेटअप नामुमकिन है। उन पर FIR कब होगी?
- 12 अप्रैल का कांड, अब क्यों जागी पुलिस? मैच 12 अप्रैल को था, पुलिस को खबर तब लगी जब वीडियो वायरल होकर जनता के मोबाइल तक पहुंच गया। यानी पुलिस का अपना मुखबिर तंत्र अब ‘सट्टा तंत्र’ के आगे घुटने टेक चुका है?
आखिरी वार : पुलिस की साख दांव पर! – रायपुर कमिश्नरेट के अफसर अब ‘जांच का झुनझुना’ थमा रहे हैं। लेकिन रायपुर की जनता पूछ रही है- अगली रेड कब? क्या सट्टेबाजों के ये आलीशान ठिकाने हमेशा के लिए बंद होंगे या फिर कुछ दिनों बाद नए कमरे में नए नोटों के साथ फिर से ‘IPL’ सजेगा?
यह वीडियो रायपुर के सुशासन पर एक गहरा दाग है। अगर अब भी सख्त एक्शन नहीं हुआ, तो यह मान लेना चाहिए कि रायपुर में कानून नहीं, बल्कि ‘सट्टे का सिक्का’ चलता है।



