रायपुर

रफ़्तार का कहर और बेसहारा मवेशी : तिल्दा-नेवरा में एक और चिराग बुझा!…

रायपुर । जिला अंतर्गत तिल्दा – नेवरा क्षेत्र में रफ़्तार का जुनून और सड़कों पर बढ़ता मवेशियों का जमावड़ा एक बार फिर काल बन गया। ग्राम पंचायत तुलसी में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। हादसा इतना वीभत्स था कि देखने वालों की रूह कांप गई।

मौत बनकर दौड़ी बाइक, मवेशी से टकराते ही थमीं सांसें – मिली जानकारी के अनुसार, बाइक क्रमांक CG 04 LR 0599 का चालक अपनी धुन में तेज गति से जा रहा था। इसी दौरान सड़क पर मौजूद एक मवेशी से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। चश्मदीदों की मानें तो बाइक की रफ़्तार इतनी अधिक थी कि चालक को संभलने का एक पल भी मौका नहीं मिला। टक्कर लगते ही युवक उछलकर दूर जा गिरा और मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया।

हादसे की बड़ी वजहें : रफ़्तार या लापरवाही?

  • अनियंत्रित गति : प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि युवक रफ़्तार पर काबू नहीं रख पाया।
  • सड़कों पर कब्जा जमाते मवेशी : ग्रामीणों के अनुसार, सड़कों पर आवारा मवेशियों का होना हादसों को खुला निमंत्रण दे रहा है।
  • सुरक्षा मानकों का अभाव : क्षेत्र की मुख्य सड़कों पर न तो पर्याप्त संकेतक हैं और न ही रफ़्तार रोकने के पुख्ता इंतजाम।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा : “प्रशासन अब तो जागिए!” – इस हृदयविदारक घटना के बाद स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कुछ तीखे सवाल किए हैं :

  • ​आखिर कब तक सड़कों पर घूमते मवेशी इंसानी जान लेते रहेंगे?
  • ​रिहायशी इलाकों में स्पीड कंट्रोल के लिए सख्त नियम क्यों नहीं?
  • ​क्या प्रशासन केवल पोस्टमार्टम और पंचनामे तक ही सीमित है?

प्रमुख मांगें : सड़कों पर स्पीड ब्रेकर और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।

  • ​सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों की रोकथाम के लिए ठोस व्यवस्था हो।
  • ​संवेदनशील इलाकों में पुलिस की नियमित गश्त बढ़ाई जाए।

पुलिस की कार्रवाई – सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुँचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस मृतक की शिनाख्त करने और हादसे के तकनीकी पहलुओं की जांच में जुटी है।

संवाददाता की रिपोर्ट : यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं की विफलता और रफ़्तार की बेपरवाही का नतीजा है। अब देखना यह है कि प्रशासन इन मौतों के बाद जागता है या अगली दुर्घटना का इंतज़ार करता है।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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