बेवफाई का ‘जहरीला’ खेल : लाचार पति की सिसकियों पर भारी पड़ी पत्नी की ‘अय्याशी’, मासूमों ने देखा मां का खूनी चेहरा!…

कोरबा। रिश्तों के कत्ल की ऐसी रूह कंपा देने वाली दास्तां आपने पहले कभी नहीं सुनी होगी। दर्री थाना क्षेत्र के लाटा इलाके में एक पत्नी ने अपनी ‘अर्धांगिनी’ की मर्यादा को कालिख पोत दी। डेढ़ साल से लकवे (Paralysis) के कारण बिस्तर पर पड़े जिस पति के लिए पत्नी को उसकी लाठी बनना था, वही पत्नी उसके लिए ‘जल्लाद’ बन गई। आरोपी बंटी देवी ने अपनी हवस और आजाद ख्यालों के रास्ते से बीमार पति अरुण सिंह को हटाने के लिए ऐसी साजिश रची कि सुनने वालों का कलेजा मुंह को आ जाए।
साजिश का ‘मास्टरस्ट्रोक’ : बेटे को बनाया कत्ल का जरिया! – इस हत्या की पटकथा इतनी वीभत्स है कि कातिल मां ने अपने ही 13 साल के बेटे से ‘मौत का सामान’ मंगवाया। फूलों में छिड़काव का बहाना बनाकर बेटे से कीटनाशक मंगवाया और शाम होते ही उस कीटनाशक को पानी में घोलकर बेबस अरुण के हलक में उतार दिया।
खिड़की से झांकती मौत : कमरे के बाहर से खिड़की की दरार के जरिए बेटी अपनी मां को पिता का कत्ल करते देख रही थी। मासूमों को अंदेशा भी नहीं था कि मां के हाथ में थमा पानी का गिलास पिता के लिए ‘आखरी घूंट’ साबित होगा।
रात भर तड़पता रहा पति, पत्नी गिनती रही आखिरी सांसें! – जहर का असर शुरू होते ही अरुण तड़पने लगा, शरीर नीला पड़ने लगा और उल्टियां होने लगीं। मासूम बच्चे रात भर चीखते रहे, मां के पैर पकड़ते रहे कि “पापा को अस्पताल ले चलो”, लेकिन उस निष्ठुर औरत का दिल नहीं पसीजा। वह रात के अंधेरे में पति की मौत का इंतजार करती रही। उसने जानबूझकर सुबह तक का वक्त लिया ताकि जहर अपना काम पूरी तरह कर दे और अरुण के बचने की कोई गुंजाइश न रहे।
अवैध संबंधों की ‘खूनी’ गंध और मोबाइल का राज! – आखिर क्यों एक पत्नी इतनी बेरहम हो गई? जवाब मिला 13 साल के बेटे की गवाही में। बेटे ने बताया कि “मां दिन-रात छिपकर किसी अजनबी से मोबाइल पर फोन और चैट में मशगूल रहती थी।” शक की सुई साफ है – बीमार और लकवाग्रस्त पति अपनी पत्नी की ‘रंगीन मिजाजी’ और ‘अवैध संबंधों’ के बीच की सबसे बड़ी दीवार था। उसी दीवार को ढहाने के लिए बंटी देवी ने खूनी रास्ता चुना।
पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ और टूटा जुर्म का गुरूर – पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो कातिल बीवी मगरमच्छ के आंसू बहा रही थी। लेकिन जैसे ही पुलिस ने बच्चों को एकांत में लेकर बात की, पूरी कहानी शीशे की तरह साफ हो गई। सिविल लाइन पुलिस की सख्ती के आगे ‘बेवफा पत्नी’ ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी और फूट-फूटकर अपना गुनाह कबूल कर लिया।
वारदात का ‘क्राइम प्रोफाइल’ :
- शिकार : अरुण सिंह (बेबस, बीमार और लकवे का मरीज)।
- कातिल : बंटी देवी (बेवफा पत्नी, जिसने ममता और सुहाग दोनों को मार डाला)।
- गवाह : अपने ही दो मासूम बच्चे, जिनकी आंखों ने मां को ‘जल्लाद’ बनते देखा।
- मकसद : संदिग्ध अवैध संबंध और बीमार पति की सेवा से छुटकारा।
अब जेल की चक्की पीसेगी ‘कातिल’ बीवी – पुलिस ने आरोपी बंटी देवी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। अब वह सलाखों के पीछे अपने किए की सजा काटेगी। लेकिन उन मासूम बच्चों का क्या, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया और मां जेल की कालकोठरी में पहुंच गई?




