पोलियो के खिलाफ रायगढ़ का ‘महाकवच’: कल 1307 बूथों पर थमेगी संक्रमण की राह, 1.80 लाख बच्चों के लिए सजेगी ‘जिंदगी की दो बूंद’…

रायगढ़। 20 दिसम्बर 2025। आधुनिक चिकित्सा के दौर में भी पोलियो जैसे गंभीर खतरे को जड़ से मिटाने के लिए रायगढ़ जिला एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है। रविवार, 21 दिसम्बर से शुरू हो रहे ‘राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान’ के तहत जिले के 1 लाख 79 हजार 959 नौनिहालों को सुरक्षा चक्र में बांधने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे एक ‘मिशन’ के तौर पर लिया है, जिसकी कमान स्वयं कलेक्टर और सीएमएचओ संभाल रहे हैं।
इंदिरा नगर से होगा ‘सुरक्षा शंखनाद’ – अभियान का जिला स्तरीय भव्य शुभारंभ कल सुबह शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, इंदिरा नगर (मोदीनगर) में किया जाएगा। इसके साथ ही जिले के सभी विकासखंडों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में इस राष्ट्रीय कार्यक्रम की शुरुआत होगी। प्रशासन का प्रयास है कि समाज के हर वर्ग तक यह संदेश पहुंचे कि “एक भी बच्चा छूटा, तो सुरक्षा चक्र टूटा।”
रणनीति : तीन दिनों का ‘सर्च एंड शील्ड’ ऑपरेशन – स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को तीन चरणों में अभेद्य बनाया है:
- प्रथम दिवस (बूथ डे) : रविवार को जिले भर में बनाए गए 1307 पोलिंग बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। विभाग की कोशिश है कि 80% लक्ष्य पहले ही दिन पूरा कर लिया जाए।
- द्वितीय एवं तृतीय दिवस (डोर-टू-डोर ): जो बच्चे रविवार को किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए सोमवार और मंगलवार को ‘मोबाइल टीमें’ घर-घर जाकर दस्तक देंगी।
- ट्रांजिट टीमें : बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और हाट-बाजारों जैसे सार्वजनिक स्थलों पर भी टीमें तैनात रहेंगी ताकि यात्रा कर रहे बच्चे भी खुराक से वंचित न रहें।
तैयारियां पूर्ण : ‘अलर्ट मोड’ में स्वास्थ्य विभाग – जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बी.पी. पटेल ने बताया कि सूक्ष्म कार्ययोजना (Micro Plan) के तहत सभी तैयारियां पूरी हैं:
- कोल्ड चेन मैनेजमेंट: वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कोल्ड चेन का विशेष ध्यान रखा गया है।
- लॉजिस्टिक्स: मार्कर पेन, रिपोर्टिंग फॉर्म, बैनर-पोस्टर और अन्य सामग्री सभी केंद्रों तक पहुंचा दी गई है।
- निगरानी तंत्र: जिला स्तरीय कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग टीमें हर घंटे की प्रगति की समीक्षा करेंगी।
प्रशासनिक अपील: अभिभावकों की जिम्मेदारी सबसे बड़ी – कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जगत ने संयुक्त रूप से जिलेवासियों से अपील की है:
“पोलियो मुक्त भारत का सपना तभी साकार रहेगा जब हर माता-पिता अपनी जिम्मेदारी समझेंगे। चाहे आपके बच्चे को पहले टीके लग चुके हों, फिर भी इस अभियान के तहत दी जाने वाली ‘दो बूंद’ अनिवार्य है। यह अतिरिक्त खुराक बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को फौलादी बनाती है।”
अभियान पर एक नज़र (Key Highlights) –
- लक्ष्य : 1,79,959 बच्चे (0-5 वर्ष)
- कुल बूथ : 1307 (शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र)
- कार्यबल : हजारों स्वास्थ्य कर्मी, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्वयंसेवक।
- विशेष फोकस : ईंट भट्ठों, निर्माण स्थलों और स्लम बस्तियों में रहने वाले ‘हाई रिस्क’ समूहों पर विशेष निगरानी।
रायगढ़ जिले ने हमेशा स्वास्थ्य अभियानों में अग्रणी भूमिका निभाई है। कल का दिन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह हमारे भविष्य (बच्चों) को उम्र भर की दिव्यांगता से बचाने का एक सामूहिक अनुष्ठान है।




