जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति, हिन्द सेना ने स्वास्थ्य मंत्री का जताया आभार…

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हेतु हिन्द सेना ने कई गंभीर समस्याओं के साथ स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को ज्ञापन सौंपा था। इसमें जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी, चिकित्सा सुविधाओं का अभाव, सोनोग्राफी और एक्स-रे सेवाओं में सुधार, मरीजों के पंजीयन प्रक्रिया में परेशानियां, सफाई कर्मचारियों के वेतन वृद्धि और कैंटीन सुविधा जैसी मांगें शामिल थीं।
हिन्द सेना के प्रदेश मुख्य संयोजक तरुण नाथ योगी द्वारा की गई मांगों पर तुरंत कार्यवाही करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिला अस्पताल में चार विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति कर दी है। डॉ. मधु, डॉ. अविनाश कुमार मंडावी, डॉ. निरंजन बेहरा और डॉ. सरत बाबू वीएस अब बालोद अस्पताल में तैनात हैं। इस कदम से अस्पताल की विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा में काफी सुधार होगा।
इसके अलावा, अस्पताल में सोनोग्राफी सेवा को सुबह 12 बजे से शाम तक बढ़ाने, एक्स-रे विभाग में विशेषज्ञों की तैनाती और पंजीयन प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। नर्सिंग कालेज के छात्रों पर मरीजों की देखभाल का बोझ कम करने और स्टाफ नर्सों के व्यवहार एवं कार्यक्षमता पर सुधार लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। महीनों से बंद पड़े बर्न यूनिट को चालू करने और उसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती भी प्राथमिकता में रखी गई है।
स्वच्छता कर्मियों के वेतन वृद्धि की मांग पर भी सकारात्मक पहल की जा रही है। अस्पताल परिसर में मरीजों व उनके परिजनों के लिए कैंटीन सुविधा प्रदान करने का प्रस्ताव भी रखा गया है ताकि उन्हें बेहतर सुविधा मिल सके। साथ ही, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति पर भी ध्यान दिया जाएगा ताकि मरीजों को अनावश्यक देर या असुविधा न हो।
हिन्द सेना ने इस सुधारात्मक कदम के लिए छत्तीसगढ़ शासन, मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का आभार व्यक्त किया है। हिन्द सेना के प्रदेश मुख्य संयोजक तरुण नाथ योगी ने कहा कि मरीजों की सुविधा और बेहतर स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए और इस दिशा में यह पहल सराहनीय है।
यह प्रयास बालोद जिले के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।