अपराधियों पर कहर, लापरवाहों पर गिर सकती है गाज : जशपुर DIG & SSP लाल उमेद सिंह का सख्त अल्टीमेटम…

- नशे के पूरे सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने ‘End-to-End’ जांच के आदेश, सिर्फ मोहरों पर नहीं, आकाओं पर होगा एक्शन…
- विवेचना में देरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं, बेहतर काम पर इनाम तो ढिलाई पर नपेंगे थानेदार…
- आगामी त्योहारों के मद्देनजर सड़कों पर दिखेगी ‘विजिबल पुलिसिंग’, गुंडे-बदमाशों की नकेल कसने सरप्राइज चेकिंग शुरू…
जशपुर। जशपुर पुलिस कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (DIG & SSP) डॉ. लाल उमेद सिंह का कड़ा रुख देखने को मिला। जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर आयोजित इस मैराथन बैठक में उन्होंने दो-टूक शब्दों में साफ कर दिया कि जशपुर में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और पुलिसिंग में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पेंडिंग केसों के शत-प्रतिशत निपटारे से लेकर नशे के कारोबारियों की जड़ें खोदने तक, कप्तान ने मातहतों को फुल एक्शन मोड में आने के सख्त निर्देश दिए हैं।

सिर्फ प्यादों पर नहीं, ड्रग नेटवर्क के आकाओं पर होगा सीधा प्रहार – जिले में नशे के अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए DIG डॉ. लाल उमेद सिंह ने साफ किया कि NDPS मामलों में कार्रवाई केवल आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। अब ‘End-to-End Investigation’ होगी, यानी नशा कहां से आया, कौन सप्लाई कर रहा था और इस पूरे काले कारोबार का नेटवर्क कहां तक फैला है, हर कड़ी को बेनकाब कर कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। इसके साथ ही जुआ, सट्टा, अवैध शराब और गो-तस्करी जैसी गैरकानूनी गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का फरमान जारी किया गया है।
विवेचना में ढिलाई पर नपेंगे विवेचक, उत्कृष्ट कार्य पर मिलेगा सम्मान – लंबित अपराध, चालान, मर्ग और शिकायतों की समीक्षा करते हुए एसएसपी ने थाना व चौकी प्रभारियों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि साक्ष्य संकलन और न्यायालय में कमजोर पैरवी के कारण यदि अपराधी बचते हैं, तो जवाबदेही तय होगी। बेहतर काम करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को जहां पुरस्कृत किया जाएगा, वहीं विवेचना में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सीधी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। स्थायी व लंबित वारंटियों की धरपकड़ तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
त्योहारों से पहले अलर्ट मोड पर पुलिस : विजिबल पुलिसिंग और कॉम्बिंग गश्त – आगामी त्योहारों में शांति और सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अभी से सुरक्षा खाका तैयार करने को कहा गया है। सड़कों पर पुलिस की मौजूदगी का खौफ अपराधियों में साफ नजर आए, इसके लिए शाम के समय पैदल मार्च, कॉम्बिंग पेट्रोलिंग और सरप्राइज चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। आदतन बदमाशों और गुंडा तत्वों पर नकेल कसने के लिए प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई तेज की जाएगी।
गांवों में नियमित चौपाल, होटल-लॉज में ‘समाधान ऐप’ से पैनी नजर – कप्तान ने पुलिसिंग को सिर्फ शहर तक सीमित न रखते हुए ग्रामीण स्तर पर जवाबदेह बनाने पर जोर दिया। बीट प्रभारियों को महीने में कम से कम 3 से 4 बार गांवों का दौरा करने और जनता की समस्याओं का मौके पर संवेदनशील समाधान करने को कहा गया। बाहरी व संदिग्ध तत्वों की पहचान के लिए होटल और लॉज में रुकने वाले हर मुसाफिर का ब्योरा ‘समाधान ऐप’ पर अनिवार्य रूप से दर्ज कराने और CCTNS पोर्टल को रियल-टाइम अपडेट रखने के निर्देश दिए गए हैं।
साइबर ठगों पर तकनीकी प्रहार, सड़कों पर ट्रैफिक नियमों की सख्ती – साइबर अपराधों की बाढ़ को देखते हुए एसएसपी ने हेल्पलाइन और पोर्टल से आने वाली शिकायतों पर त्वरित स्ट्राइक करने के निर्देश दिए। वहीं, सड़क दुर्घटनाओं पर ब्रेक लगाने के लिए बिना हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग, नाबालिग चालकों और नशे में गाड़ी दौड़ाने वालों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाकर भारी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार, जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (SDOP), डीएसपी और सभी थाना-चौकी प्रभारी मौजूद रहे। कप्तान के इस सख्त रुख के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप है, वहीं अपराधियों में खलबली मच गई है।




