किसानों के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं: रायगढ़ में कृषि विभाग का कड़ा एक्शन, दो दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड, एक को नोटिस ; नकली व एक्सपायरी कीटनाशकों के खेल पर चला हंटर, दुकानों में मची खलबली…

रायगढ़। किसानों की गाढ़ी कमाई और फसलों पर डाका डालने वाले मुनाफाखोरों पर कृषि विभाग ने कड़ा प्रहार किया है। बाजार में नकली, अमानक और एक्सपायरी कीटनाशक खपाने वाले गिरोहों की कमर तोड़ने के लिए विभाग ने औचक छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली दो प्रमुख कृषि दुकानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं, जबकि एक दुकान संचालक को नियमों की अनदेखी पर कारण बताओ नोटिस थमाया गया है। विभाग के इस आक्रामक रुख से जिले भर के अमानक कृषि विक्रेता सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।
नियम ताक पर रखने वाली इन दुकानों पर गिरी गाज
- लाइसेंस सस्पेंड : विकासखण्ड रायगढ़ अंतर्गत जांच में गंभीर अनियमितता मिलने पर मेसर्स दासरथी कृषि सेवा केन्द्र (महापल्ली) और मेसर्स विकास स्मार्ट कृषि केन्द्र (बोईरदादर) की अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) को फौरन निलंबित कर दिया गया।
- नोटिस थमाया : मेसर्स विकास कृषि केन्द्र में आवश्यक स्टॉक व बिक्री पंजी का संधारण नहीं पाए जाने और कीटनाशी नियम 10(4), 15(1) व 15(2) के खुले उल्लंघन पर संचालक को कड़ी चेतावनी देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
छापेमार टीम ने खंगाले स्टॉक और दस्तावेज – कीटनाशी निरीक्षक अभिषेक पटेल, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और कृषि विकास अधिकारी विनोद पटेल की संयुक्त टीम ने दुकानों में रखे स्टॉक, बिलिंग वाउचर और एक्सपायरी डेट्स की गहन पड़ताल की। जांच में सामने आया कि कई संचालक नियमों को धता बताकर बिना वैध लिखा-पढ़ी के कारोबार कर रहे थे।
अधिकारियों की दो टूक चेतावनी – कृषि विभाग के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई तो बस शुरुआत है। जिले के किसी भी कोने में अगर किसानों को अमानक, एक्सपायरी या नकली खरपतवारनाशी और फफूंदनाशी दवाएं बेचने की कोशिश की गई, तो दुकानें सील कर सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसानों के हक और फसलों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे।




