SECL के खिलाफ फूटा धरमजयगढ़ का आक्रोश : 11 सितंबर को दशहरा मैदान में महारैली, ‘जमीन नहीं देंगे’ के नारों से गूंजेगा अंचल…

रायगढ़। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की कथित मनमानी और कोयला खनन की आड़ में छीनी जा रही पुश्तैनी जमीनों को लेकर धरमजयगढ़ में असंतोष का लावा फूट पड़ा है। कॉर्पोरेट दखल और प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ अब आर-पार की जंग का ऐलान हो चुका है। ‘भूमि बचाओ संघर्ष समिति’ के नेतृत्व में शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे दशहरा मैदान में ऐतिहासिक महारैली और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। समिति ने दो-टूक कहा है – “जमीन सिर्फ कागज का टुकड़ा नहीं, हमारी पीढ़ियों की पहचान और आजीविका है; इसे किसी भी कीमत पर लुटने नहीं दिया जाएगा।”
‘हर घर से दो लोग निकलें बाहर’ – गांव-गांव लामबंदी तेज : समिति ने पूरे अंचल में हुंकार भरते हुए स्पष्ट अपील जारी की है कि हर परिवार से कम से कम दो सदस्य दशहरा मैदान पहुंचें। संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह लड़ाई किसी एक गांव या व्यक्ति की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के जल, जंगल, जमीन और वजूद को बचाने का महासंग्राम है। पोस्टरों पर गूंजते ‘SECL की मनमानी नहीं चलेगी’ जैसे तीखे नारे स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि इस बार ग्रामीण पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।
‘विकास’ के नाम पर बर्बादी बर्दाश्त नहीं: ग्रामीणों के तीखे सवाल – लंबे समय से सुलग रहे इस विरोध को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन और खनन कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है:
- सहमति के बिना दखल क्यों? ग्राम सभाओं और स्थानीय किसानों की सीधी सहमति के बिना परियोजनाएं थोपने की जिद पर भारी आक्रोश है।
- पुनर्वास का स्पष्ट खाका गायब : आजीविका, घर और खेती छीनने के बदले केवल खोखले आश्वासन दिए जा रहे हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- प्रशासनिक लीपापोती पर प्रहार : ग्रामीणों की आपत्तियों को केवल कागजी प्रक्रिया मानकर दरकिनार करने के रवैये को समिति ने खुला विश्वासघात करार दिया है।
कंपनी और प्रशासन की सांसें फूलीं – पूर्व में भी धरमजयगढ़ की जागरूक ग्राम सभाएं कोयला परियोजनाओं के खिलाफ अडिग रही हैं, लेकिन 11 सितंबर का यह एकजुट शक्ति प्रदर्शन अंचल के आंदोलन को एक आक्रामक और निर्णायक दिशा देने जा रहा है। दशहरा मैदान में जुटने वाली यह विशाल भीड़ SECL प्रबंधन और जिला प्रशासन के सामने वह सख्त लकीर खींचेगी, जिसे नजरअंदाज करना अब मुमकिन नहीं होगा।




