कैसिनो गेम के झांसे पर खाते दिए, फर्जी निकासी उजागर — आरोपी गिरफ्तार

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। बैंक‑खाता खोलने पर मासिक 5,000 रुपये देने का झांसा देकर कई लोगों को ठगने वाले आरोपी पुरानिक देवांगन (उम्र 34 वर्ष) को बालोद पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी के कब्जे से एक पासबुक और एक मोबाइल सिम भी जब्त किया गया है, जबकि पीड़ितों के कुछ खातों में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा किए गए लेन‑देन के कारण बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। मामले की जांच थाना बालोद में अपराध क्रमांक 285/2026 के तहत दर्ज कर विवेचना जारी है।

प्रार्थियों — प्रेम सिंह देवांगन सहित अन्य — की शिकायत के अनुसार आरोपी पुरानिक ने लोगों को सोशल मीडिया पर दिखाए गए विज्ञापन या रिल्स के जरिए यह दावा किया कि कैसिनो गेम के लिए बैंक‑खाता उपलब्ध कराने पर उन्हें मासिक 5,000 रुपये मिलेंगे। भरोसा दिलाकर आरोपी पीड़ितों को इंडियन ओवरसीज़ बैंक, शाखा बालोद में बारी‑बारी खाता खोलवाने ले जाता था। प्रत्येक व्यक्ति के खाते में खाता खुलवाने के लिए 800 रुपये जमा करवाकर नया सिम खरीदा गया और वह सिम खाते से लिंक करवा लिया गया। खाते खुलने पर प्राप्त एटीएम कार्ड और एटीएम पिन आरोपी अपने पास रख लेता था।
विवेचना में सामने आया कि प्रार्थी प्रेमसिंह के खाते में कुल ₹1,55,906, सोहन लाल तारम के खाते में ₹2,50,007, डोमन देवांगन के खाते में ₹36,527 तथा किसुन देवांगन के खाते में ₹1,88,816 तक अज्ञात लोगों द्वारा जमा और निकासी के कारण बैंक खातों को सीज कर दिया गया। आरोपी ने खातों के एटीएम कार्ड, पिन और लिंक किए गए सिम को अपने पास रख कर धोखाधड़ी का संचालन किया, जिसकी शिकायत पर मामला दर्ज किया गया।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने फेसबुक रिल्स पर कैसिनो गेम के विज्ञापन देखे और विज्ञापन पर दिए गए नंबर 9303757275 पर संपर्क करने पर लोगों को बैंक‑खाता देने पर मासिक 5,000 रुपये मिलने का लालच दिया जाता था। आरोपी ने बताया कि उसने पीड़ितों को लेकर इंडियन ओवरसीज़ बैंक बालोद शाखा में खाते खुलवाए, नए सिम लिंक करवाए और खाते में मिले एटीएम कार्ड‑पिन को अपने पास रखकर उन कार्डों को कोरियर के जरिए हरियाणा के जाल से भेज दिया। आरोपी ने अपने ठगने के आरोपों से संबंधित रूपयों का एक हिस्सा छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, शाखा दुधली में संचालित अपने खाते (खाता क्र. 7032046823) में भेजा था, जिसे भी जांच के दायरे में रखा गया है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की पासबुक और एक वीवो मोबाइल (सिम नंबर 6268314926) जब्त कर अपने रिकार्ड में लिया है। गिरफ्तार आरोपी पुरानिक देवांगन, पिता चेतन लाल देवांगन, निवासी ग्राम कोरगुड़ा, थाना व जिला बालोद, को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है।
बालोद थाना की कार्यवाही में निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, प्रधान आरक्षक योगेश सिन्हा, आरक्षक लक्ष्मण साहू और आरक्षक बनवाली साहू का विशेष सहयोग रहा।
बालोद पुलिस की चेतावनी : म्युल अकाउंट के लालच में न फंसें
म्युल अकाउंट वह बैंक खाता है जिसका इस्तेमाल साइबर अपराधी अवैध पैसे लेने, ट्रांसफर करने या छिपाने के लिए करते हैं। ‘म्युल’ (खच्चर) उस व्यक्ति को कहा जाता है जो बदले में कमीशन लेकर अपना खाता इस काम के लिए इस्तेमाल होने देता है । ग्रामीण क्षेत्रों में लोग ‘घर बैठे कमाई’, ‘मासिक 5,000 रुपये’, ‘पार्ट-टाइम जॉब’ के झांसे में आकर अपना खाता किराए पर दे देते हैं या यूजर-आईडी/पासवर्ड शेयर करते हैं।
सावधानियां बरते :
- अपने बैंक खाते को किराये पर न दें या किसी को इस्तेमाल न करने दें।
- खाते की जानकारी, ओटीपी (OTP), पासवर्ड कभी साझा न करें।
- सोशल मीडिया/व्हाट्सऐप पर ‘ईजी मनी’ या ‘कमीशन’ के झांसे में न आएँ।
- बैलेंस पर नजर रखें; अचानक बढ़ी रकम आने पर बैंक या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचित करें।
- धोखाधड़ी व फ्रॉड होने पर www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन कंप्लेंट करें और तुरंत 1930 पर कॉल करें।
आरबीआई लगातार मनी म्यूल से बचने का अलर्ट जारी कर रहा है — अपने खाते को म्युल न बनाएं।




