एकलव्य विद्यालय में भड़का छात्रों का आक्रोश: बदहाली से तंग आकर कक्षाओं का किया बहिष्कार, प्राचार्य पर लगे गंभीर आरोप…

रायगढ़ । जिले के धरमजयगढ़ स्थित संयुक्त एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (हीरापुर, लैलूंगा) में गुरुवार को अव्यवस्थाओं का घड़ा फूट पड़ा। विद्यालय प्रशासन और प्राचार्य के रवैये से परेशान होकर छात्र-छात्राओं ने कक्षाओं का पूरी तरह बहिष्कार कर दिया और परिसर में उग्र प्रदर्शन किया।
भोजन में कीड़े-कांच और सफाई का अकाल – मीडिया से बातचीत में विद्यार्थियों ने रोष जताते हुए विद्यालय की बदहाली की पोल खोल दी:
- घटिया और जहरीला खाना: छात्रों का आरोप है कि उन्हें परोसे जाने वाले भोजन में आए दिन कीड़े और कांच के टुकड़े मिलते हैं।
- गंदे वॉशरूम: छात्राओं ने बताया कि गर्ल्स वॉशरूम इतने गंदे और बदबूदार रहते हैं कि उनका उपयोग करना मुश्किल हो गया है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं।
- बुनियादी सुविधाओं का अभाव: 10वीं बोर्ड के विद्यार्थियों के पास पढ़ने के लिए किताबें तक उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा स्पोर्ट्स का सामान, टूर, वार्षिक उत्सव (एनुअल फंक्शन) और यूनिफॉर्म जैसी बुनियादी चीजें भी बच्चों को नहीं मिल पा रही हैं।
प्राचार्य पर मनमानी और अनुपस्थिति के आरोप – विद्यार्थियों ने सीधे प्राचार्य पर निशाना साधते हुए उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि प्राचार्य महीने-सप्ताह में एकाध दिन ही विद्यालय आते हैं। जब भी लिखित में समस्याएं दी जाती हैं, तो “ऊपर भेज रहे हैं” कहकर टाल दिया जाता है।
कैमरे पर रक्षात्मक दिखे प्रभारी प्राचार्य – जब इस संबंध में प्रभारी प्राचार्य से सवाल किए गए, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि विद्यालय में 4-4 हॉस्टल के बच्चे रहते हैं, इसलिए कभी-कभी थोड़ी बहुत भूल-चूक हो जाती है। रायगढ़ एससी ऑफिस के शासकीय कार्यों से बाहर रहने के कारण वे नियमित नहीं आ पाते। भोजन में कांच मिलने की बात पर उन्होंने माना कि बहुत पहले ऐसी घटना हुई थी, जिसके बाद रसोइयों को सतर्क किया गया था। वहीं छात्रों का कहना है कि समस्या जस की तस बनी हुई है।
सपनों पर मंडराता खतरा – केंद्र और राज्य सरकार द्वारा आदिवासी व मेधावी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा देने के उद्देश्य से भारी-भरकम फंड दिया जाता है। इसके बावजूद विद्यालय में किताबों, खेल सामग्री और सुरक्षित भोजन के लिए तरसते बच्चे प्रशासनिक व्यवस्था की नाकामी को बयां कर रहे हैं। छात्रों ने चेतावनी दी है कि जब तक प्राचार्य पर कार्रवाई और व्यवस्था में सुधार नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।




