फर्जी ऋण-पुस्तिका व जमीन बिक्री की खबर से भय व्याप्त, किसान ने थाने में दी शिकायत

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। जिले के ग्राम लाटाबोड़ में हाल ही में फर्जी तरीके से खेती की जमीन बेचने और ऋण-पुस्तिका तैयार किए जाने की आशंका ने हड़कंप मचा दिया। स्थानीय किसान उमेंद्र कुमार गंजीर को 30 मई 2026 की सुबह सूचना मिली कि उनके नाम से स्थित कृषि भू-खण्ड (पटवारी हल्का संख्या 10, खसरा संख्या 355/1) की बिक्री की चर्चा चल रही है। उन्होंने बताया कि न तो उन्होंने कभी अपनी जमीन बेचने की किसी से बातचीत की है और न ही किसी को कोई सहमति दी है। इस जानकारी के बाद किसानों व ग्रामीणों में चिंता फैल गई और उन्होंने तत्काल प्रशासन व पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की।

उमेंद्र ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने जानकारी दी कि उक्त जमीन के नाम पर ऋण पुस्तिका और छह माह के इकरारनामा जैसे दस्तावेज तैयार किए गए हैं और कहा जा रहा है कि एडवांस राशी भी दी जा चुकी है या दी जाएगी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह पूरा मामला उनकी जानकारी और अनुमति के बिना रचा गया है, जिससे उन पर धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का शक उठता है। जब उन्होंने कथित संलिप्त लोगों से सीधे बातचीत कर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की, तो लोग ठोस जवाब देने से कतराते दिखे; कुछ स्थानों पर यह भी कहा गया कि मामले को लेकर एफआईआर कर दी जाएगी, जिससे विवाद और उलझन बढ़ गई।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय समुदाय में जमीन संबंधी दस्तावेजों की सुरक्षा और प्रमाणिकता को लेकर चर्चा तेज हो गई। ग्रामीणों ने कहा कि दस्तावेजों की असलियत की जांच और नामांतरण प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की फर्जी बिक्री और धोखाधड़ी से बचा जा सके। किसान उमेंद्र ने पुलिस से अनुरोध किया है कि इस प्रकरण की त्वरित एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और जिन भी फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया है, उनकी जाँच कर उन्हें अमान्य घोषित किया जाए।
थाना प्रभारी को सौपे गए लिखित आवेदन में उमेंद्र ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे अपने कृषि-भूमि के प्रति किसी भी तरह के अनुचित हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेंगे और अपेक्षा रखते हैं कि प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्यवाही करेगा। स्थानीय लोग भी निष्पक्ष जांच व उचित सुरक्षा प्रावधानों की मांग कर रहे हैं ताकि आगे चलकर किसी और किसान को इसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। मामले की जांच-पड़ताल के दौरान अगर कोई ठोस सबूत मिले तो संबंधित पर आपराधिक कार्यवाही की जाएगी, वहीं प्रशासन ने फिलहाल उमेंद्र की शिकायत दर्ज कर ली है और आश्वासन दिया है कि मामले की गहनता से जाँच की जाएगी।




