रायगढ़

घरघोड़ा जनपद पंचायत में ‘सामुदायिक विकास निधि’ में बड़े खेल की बू! RTI में मांगी जानकारी तो मचा हड़कंप, जिला पंचायत CEO ने कसा शिकंजा…

रायगढ़/घरघोड़ा (छत्तीसगढ़)। जनपद पंचायत घरघोड़ा में सामुदायिक विकास निधि (Community Development Fund) के पैसों का किस तरह इस्तेमाल हुआ और कहां-कहां कागजी खेल खेला गया, इसको लेकर रायगढ़ जिला प्रशासन के गलियारों में हड़कंप मच गया है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत विकास कार्यों का कच्चा-चिट्ठा और पाई-पाई का हिसाब मांगते ही जिम्मेदार अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए हैं। जानकारी दबाने की कोशिशों के बाद अब मामला प्रथम अपील में पहुंच चुका है, जिस पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) एवं अपीलीय अधिकारी अभिजीत पठारे ने सख्त रुख अपनाते हुए घरघोड़ा जनपद पंचायत के जन सूचना अधिकारी/CEO को अल्टीमेटम जारी कर दिया है।

क्या है पूरा मामला? – सिविल कोर्ट के पीछे, वार्ड क्र. 09, घरघोड़ा निवासी शैलेश शर्मा ने सूचना के अधिकार के तहत 04 अगस्त 2026 को एक आरटीआई आवेदन दाखिल कर 1 मार्च 2024 से 31 मई 2026 तक की अवधि के दौरान ‘सामुदायिक विकास निधि’ के तहत हुए भुगतानों और स्वीकृत कार्यों की परत-दर-परत जानकारी मांगी थी।

​परंतु, तय समय-सीमा में संतोषजनक जानकारी न मिलने या जानकारी छिपाए जाने से क्षुब्ध होकर आवेदक ने प्रथम अपील प्रस्तुत की।

RTI में मांगे गए ये 5 तीखे सवाल, जिनसे उड़े होश:

  1. भुगतान व ठेकेदारों का ब्योरा: सामुदायिक विकास निधि से हुए कार्यों की भुगतान राशि, भुगतान दिनांक, प्राप्तकर्ता/ठेकेदार का नाम और बैंक भुगतान का पूरा विवरण।
  2. सामग्री खरीदी के बिल-वाउचर: निधि के तहत खरीदी गई तमाम सामग्रियों के असली बिल और वाउचर की प्रमाणित प्रतियां।
  3. ऑडिट रिपोर्ट: सामुदायिक विकास निधि उपयोग संबंधी ऑडिट रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति।
  4. प्रस्ताव व बैठकों की कार्यवाही: निधि से संबंधित बैठकों के प्रस्ताव, निर्णय और कार्यवाही (Proceedings) की प्रतिलिपि।
  5. जियो-टैग फोटो (Geotagged Photos): स्वीकृत कार्यों के मौके पर खिंचे फोटो और जियो-टैगिंग रिपोर्ट (ताकि पता चल सके कि कार्य वास्तव में जमीन पर हुआ है या केवल कागजों पर)।

जिला पंचायत CEO अभिजीत पठारे की कड़ी कार्रवाई: 14 अगस्त तक मांगा पालन प्रतिवेदन -​मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत रायगढ़ के अपीलीय अधिकारी एवं CEO अभिजीत पठारे (Digitally signed on 05/08/2026) ने कड़ा आदेश जारी किया है।

​आदेश क्रमांक RTI/1288/2026-CEO ZP RTI SEC RGH / जि.पं. / सू.का.अधि. / 2026 के तहत जनपद पंचायत घरघोड़ा के जन सूचना अधिकारी/CEO को ‘आवश्यक समय-सीमा’ का पत्र जारी करते हुए निर्देश दिया गया है कि:

“अपीलार्थी को आरटीआई के तहत दी जा सकने वाली संपूर्ण जानकारी प्रदान करते हुए 14 अगस्त 2026 से पूर्व की गई कार्यवाही का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।”

​साथ ही अपीलार्थी शैलेश शर्मा को भी अपना लिखित पक्ष/बयान सुनवाई तिथि के पूर्व रखने की छूट दी गई है।

प्रशासनिक हलकों में चर्चा गरम: क्या कागजों पर ही डकार गए विकास का पैसा? – ​सामुदायिक विकास निधि जनता की सुविधा और क्षेत्र के विकास के लिए होती है। लेकिन जब बिल-वाउचर, बैंक ट्रांजैक्शन, ऑडिट रिपोर्ट और जियो-टैग फोटो मांगने पर जानकारी देने में आनाकानी की जाती है, तो भ्रष्टाचार की आशंका बलवती हो जाती है।

  • क्या घरघोड़ा जनपद में फर्जी बिलिंग और चहेते ठेकेदारों को रेवड़ियां बांटने का खेल हुआ है?
  • क्या जियो-टैगिंग रिपोर्ट में बड़ा खुलासा होने का डर है?

​14 अगस्त की समय-सीमा जैसे-जैसे पास आ रही है, घरघोड़ा जनपद पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। देखना यह होगा कि क्या 14 अगस्त से पहले दूध का दूध और पानी का पानी हो पाएगा या मामले को लीपापोती करने की कोशिश होगी!

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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