खाद माफियाओं पर कसा शिकंजा: RM24 के बाद अब पीड़ित किसान ने खोला ‘जय बालाजी खाद भंडार’ के खिलाफ मोर्चा, थाने में FIR की मांग तेज!…

पत्थलगांव। क्षेत्र में खाद विक्रेताओं द्वारा किसानों के शोषण और कालाबाजारी का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। RM24 की खबर के बाद अब स्वयं पीड़ित किसान ने आगे आकर मुनाफाखोर व्यापारियों के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है।
ग्राम पंचायत झक्कड़पुर (गाला) निवासी पीड़ित किसान लोहार साय नाग (पिता: बालक राम) ने पत्थलगांव थाने, SDM और SDO (कृषि) को लिखित शिकायत सौंपकर जशपुर रोड स्थित ‘जय बालाजी खाद भंडार’ (संचालक: धीरज अग्रवाल) पर कालाबाजारी, धोखाधड़ी और ओवररेटिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं।

क्या है पूरा मामला? – शिकायतकर्ता के अनुसार, 2 अगस्त 2026 को वह जशपुर रोड, सरकारी अस्पताल के सामने स्थित जय बालाजी खाद भंडार में यूरिया और राखड़ (खाद) खरीदने गया था:
- मनमानी कीमत: केंद्र सरकार द्वारा सब्सिडी वाले 45 किलोग्राम यूरिया बोरी की शासकीय निर्धारित दर ₹266.50 है। इसके विपरीत, दुकान संचालक ने शुरुआत में ₹500 प्रति बोरी की मांग की और मोलभाव के बाद ₹450 वसूले।
- DAP पर भी डाका: पूछने पर DAP खाद की कीमत ₹1600 बताई गई।
- ऑनलाइन पेमेंट से इनकार: जब किसान ने UPI से भुगतान करने की कोशिश की, तो संचालक ने साफ मना करते हुए कहा— “नगद रुपए लेकर आओ, तभी यूरिया दूंगा!” किसान ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बना लिया है।
- पक्का बिल देने से मना: ₹450 नगद वसूलने के बाद जब किसान ने खरीदी की पक्की रसीद/बिल मांगी, तो दुकान संचालक ने सीधे तौर पर मना कर दिया।
कड़ी कानूनी कार्रवाई और पैसे वापसी की मांग : पीड़ित किसान का स्पष्ट कहना है कि सरकारी दर से लगभग दोगुने दाम पर यूरिया बेचना, डिजिटल पेमेंट न लेना और पक्का बिल न देना खुलेआम धोखाधड़ी व कालाबाजारी का अपराध है। किसान ने प्रशासन से मांग की है कि खाद माफिया जय बालाजी खाद भंडार के संचालक के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए तथा अतिरिक्त वसूली गई राशि वापस दिलाई जाए।
अब देखना यह होगा कि इस शिकायत और वीडियो साक्ष्य के सामने आने के बाद प्रशासन इस खाद माफिया पर क्या सख्त कदम उठाता है।




