रायगढ़

महा-पर्दाफाश : रायगढ़ में ‘ब्रांडेड’ बोतलों में परोसी जा रही थी ‘मौत’! पुलिस के ‘ऑपरेशन आघात’ ने तोड़ी नकली शराब सिंडिकेट की कमर…

रायगढ़, 9 जून। बाहर से ‘ब्लैक डॉग’ और ‘रॉयल स्टैग’ जैसी महंगी शराब की चमकती बोतलें, लेकिन अंदर भरा था ‘मौत का जहर’। रायगढ़ पुलिस और आबकारी विभाग ने ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत एक ऐसी सर्जिकल स्ट्राइक की है, जिसने जिले में जड़ों तक फैल चुके नकली शराब के काले साम्राज्य की नींव हिला कर रख दी है। कोरोना काल से चल रहे इस मौत के गोरखधंधे का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने भारी मात्रा में नकली शराब का जखीरा बरामद किया है।

कैसे तैयार होता था ‘मौत का पैग’? (चौंकाने वाला खुलासा) – कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम धनागर में जब पुलिस ने दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू के ठिकाने पर दबिश दी, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए। गाय बांधने वाले कोठे में एक पूरी ‘अवैध डिस्टिलरी’ चल रही थी।

  • चायपत्ती से बनता था शराब का रंग : आरोपी अरुणाचल प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ से सस्ती शराब लाते थे। उसमें स्प्रिट और रेड लेबल चायपत्ती मिलाकर शराब की मात्रा और रंग तैयार किया जाता था।
  • कचरे से उठाई बोतलों का खेल : कबाड़ से पुरानी बोतलें इकट्ठा कर उन्हें धोया जाता था और फिर उन पर ब्रांडेड कंपनियों के ‘नकली होलोग्राम’ और ‘डुप्लीकेट लेबल’ चिपका कर बाजार में असली शराब के भाव में उतार दिया जाता था।

नामी ब्रांड्स के नाम पर धोखा – रॉयल स्टैग, इंपीरियल ब्लू (IB), ब्लैक डॉग, गोवा, और किंगफिशर बीयर… शायद ही कोई ऐसा नामी ब्रांड बचा हो, जिसकी नकली पैकेजिंग इस गिरोह ने न की हो। भोले-भाले ग्राहक असली के पैसे देकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे थे।

पुलिस की बिछाई बिसात और रंगे हाथों गिरफ्तारी – एसएसपी शशि मोहन सिंह को जैसे ही इस सिंडिकेट की भनक लगी, उन्होंने साइबर सेल, कोतरारोड़ थाना और आबकारी की एक संयुक्त टीम का चक्रव्यूह तैयार किया। पुलिस ने एक डमी ग्राहक (प्वाइंटर) भेजकर शराब खरीदी। स्वाद और गंध से जब नकली होने की पुष्टि हो गई, तब पुलिस ने सीधा धावा बोल दिया। मौके से मास्टरमाइंड दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू (47 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसका भाई सुभाष पटेल और साथी विनय सिंह भागने में कामयाब रहे।

छापेमारी में क्या-क्या मिला?

  • 869 नग विभिन्न ब्रांड्स की नकली शराब की बोतलें, अद्धी और पौव्वा।
  • 240 लीटर तैयार अवैध मदिरा (कीमत लगभग ₹2,16,245)।
  • ​शराब की बोतलों के 560 नकली ढक्कन, स्प्रिट के ड्रम, केतली और सैकड़ों खाली बोतलें।

एसएसपी शशि मोहन सिंह की खुली चेतावनी –  “अवैध शराब कारोबारियों के लिए रायगढ़ में अब कोई जगह नहीं है। हम जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रहे हैं। आम जनता की जान से खिलवाड़ करने वाले इस सिंडिकेट के एक-एक गुर्गे को पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे।”

आगे क्या? – गिरफ्तार आरोपी दुष्यंत पटेल के खिलाफ BNS की गंभीर धाराओं और आबकारी अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। फरार आरोपियों सुभाष और विनय की तलाश में पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं। पुलिस का स्पष्ट संदेश है— ‘ऑपरेशन आघात’ अभी थमा नहीं है, यह तो बस शुरुआत है!

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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