दुर्ग में ‘चिट्टा क्वीन’ गिरफ्तार : निर्माणाधीन स्कूल को बना रखा था नशे का अड्डा, 10 लाख की हेरोइन जब्त…

दुर्ग। छत्तीसगढ़ में युवाओं को नशे के दलदल में धकेलने वाले कारोबारियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला तस्कर को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी महिला ने कथित तौर पर एक निर्माणाधीन स्कूल परिसर को ही नशे के कारोबार का सुरक्षित ठिकाना बना रखा था। पुलिस ने उसके कब्जे से लगभग 50 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की है, जिसकी बाजार कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है।
स्कूल परिसर से चल रहा था मौत का कारोबार – पुलिस को सूचना मिली थी कि जामुल थाना क्षेत्र के हाउसिंग बोर्ड इलाके में स्थित एक निर्माणाधीन स्कूल के भीतर एक महिला अवैध रूप से हेरोइन की बिक्री कर रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर दबिश दी और संदिग्ध महिला को मौके से हिरासत में लिया।
तलाशी के दौरान महिला के पास से 49.8 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई। इसके साथ ही नशे की बिक्री से प्राप्त 1 हजार रुपये नकद और एक कीपैड मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। पुलिस ने जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 9 लाख 97 हजार 300 रुपये आंकी है।
गिरफ्तार महिला की पहचान – पुलिस ने आरोपी महिला की पहचान राजविंदर कौर के रूप में की है। प्रारंभिक पूछताछ में उसके नशे के अवैध कारोबार से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। अब पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि आरोपी अकेले काम कर रही थी या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है।
पुलिस के निशाने पर पूरा नेटवर्क – जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि –
- हेरोइन की खेप कहां से लाई जा रही थी?
- सप्लाई चेन में कौन-कौन शामिल हैं?
- किन क्षेत्रों में नशे की डिलीवरी की जा रही थी?
- क्या इसके तार अंतरराज्यीय तस्करों से जुड़े हैं?
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से नशा तस्करी के बड़े नेटवर्क तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई – जामुल थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी) और 27(ए) के तहत मामला दर्ज किया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
सवाल जो समाज को झकझोरते हैं… दुर्ग में स्कूल परिसर जैसे संवेदनशील स्थान के आसपास हेरोइन का कारोबार चलना केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि समाज के लिए गंभीर चेतावनी है। जिस जगह बच्चों के भविष्य की नींव रखी जानी थी, वहां नशे का जाल बुना जा रहा था। यह घटना बताती है कि नशा तस्कर अब अपने कारोबार के लिए नए-नए ठिकाने तलाश रहे हैं और युवाओं को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
दुर्ग पुलिस की यह कार्रवाई नशे के कारोबारियों के लिए स्पष्ट संदेश है- “नशे का कारोबार करने वालों के लिए अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचेगा।” 🔥🚔




