भूपेश बघेल का सबसे बड़ा हमला : देश में ‘इमरजेंसी’ जैसे हालात, मीडिया मौन; युवाओं (Gen-Z) के दम पर सड़क पर उतरेगी कांग्रेस!…

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में मची अंदरूनी कलह और दिल्ली तक मची सियासी हलचल के बीच, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक ही झटके में अपनी ही पार्टी के विरोधियों से लेकर केंद्र की मोदी सरकार तक पर तीखे तीर छोड़े हैं। टीएस सिंहदेव के बयानों को सीधे ‘नो-कमेंट’ कहकर खारिज करने से लेकर देश में ‘अघोषित आपातकाल’ का दावा करने तक—बघेल के इस बयान ने छत्तीसगढ़ से लेकर दिल्ली तक का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।
पढ़िए इस सियासी दंगल की 4 सबसे धारदार और बेबाक कड़ियां:
सिंहदेव को भाव नहीं, हाईकमान को ‘डेडलाइन’! – छत्तीसगढ़ कांग्रेस में ‘बघेल बनाम सिंहदेव’ की जंग का नया चैप्टर शुरू हो चुका है। टीएस सिंहदेव के बयानों पर पलटवार करते हुए भूपेश बघेल ने जो तंज कसा, वह किसी तीर की तरह चुभने वाला है।
- बघेल का दो टूक वार : “मैं टीएस सिंहदेव के किसी भी बयान पर प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं समझता।”
- ‘दिल्ली’ को सौंप दिया जिम्मा : प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर मचे घमासान पर बघेल ने साफ कहा कि किसे नेता प्रतिपक्ष रहना है और किसे अध्यक्ष, यह तय करना हाईकमान (दिल्ली) का काम है, “मैं इन सब चीजों में अपनी बुद्धि नहीं लगाता।”
- बैटिंग दीपक बैज के पक्ष में : बघेल ने साफ कर दिया कि फिलहाल कप्तान दीपक बैज ही हैं और पूरी पार्टी उन्हीं के पीछे खड़ी है।
“देश अमेरिका के कुचक्र में फंसा, मीडिया डरा हुआ” – केंद्र पर सीधा हमला – बघेल ने केवल राज्य की सियासत पर ही नहीं, बल्कि केंद्र सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने देश के मौजूदा हालातों की तुलना ‘गुलामी के दौर’ से कर दी।
- अघोषित आपातकाल: बघेल ने आरोप लगाया, “देश में अघोषित आपातकाल है। मीडिया का गला घोंट दिया गया है और उद्योगपतियों को डराकर मौन कर दिया गया है।”
- आर्थिक गुलामी का डर: उन्होंने चेतावनी दी कि भारत तेजी से आर्थिक आपातकाल की तरफ बढ़ रहा है। अंग्रेजों से तो हम आजाद हो गए, लेकिन अब हम तेल (क्रूड ऑयल) के खेल में ‘अमेरिका के कुचक्र’ में फंस चुके हैं।
कांग्रेस का नया ‘पावर बैंक’ : राहुल गांधी का Gen-Z दांव : भूपेश बघेल ने साफ कर दिया कि कांग्रेस अब पुरानी लीक छोड़ चुकी है और पार्टी की कमान अब ‘डिजिटल पीढ़ी’ यानी Gen-Z के हाथों में होगी।
- 4 दिन में 2 करोड़ फॉलोअर्स की ताकत : सोशल मीडिया की ताकत का उदाहरण देते हुए बघेल ने कहा कि यह Gen-Z का जमाना है, जहां महज 4 दिन में 2 करोड़ फॉलोअर्स खड़े हो जाते हैं। इस पीढ़ी का लोकतंत्र पर भरोसा है।
- 90 के दशक के लड़कों का राज : बघेल ने बड़ा ऐलान किया कि राहुल गांधी के निर्देश पर इस बार संगठन चुनाव में 90 के दशक के बाद पैदा हुए लड़के (युवा) नेतृत्व करेंगे। यूथ कांग्रेस ही अब मुख्य कांग्रेस की रीढ़ होगी।
साय सरकार को चेतावनी : “महंगाई और ब्लैकआउट से झुलस रही जनता” – लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर बघेल ने जनता के मुद्दों पर राज्य की साय सरकार को आड़े हाथों लिया।
- महंगाई का तड़का: पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर उन्होंने सरकार को घेरा।
- अंधेरे में डूबेगा छत्तीसगढ़?: राज्य सरकार को कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बिजली की भारी कटौती शुरू हो चुकी है। रोज बढ़ती ये समस्याएं एक बड़े बिजली संकट की आहट हैं, जिससे जनता त्रस्त है।
अंतिम विश्लेषण : भूपेश बघेल का यह अंदाज बता रहा है कि वे बैकफुट पर जाने को कतई तैयार नहीं हैं। एक तरफ जहां उन्होंने सिंहदेव गुट को उनकी औकात याद दिलाई है, वहीं दूसरी तरफ युवाओं को आगे कर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ एक बड़े जनांदोलन की नींव रख दी है। सियासत के इस कुरुक्षेत्र में अब गेंद कांग्रेस हाईकमान के पाले में है!




