छत्तीसगढ़

कलयुगी बेटे का खौफनाक सच: शराब के नशे में ली जन्म देने वाली मां की जान, बचाने आई 10 साल की मासूम बेटी का भी फोड़ा सिर!…

  • रायगढ़ पुलिस का त्वरित एक्शन: रूह कंपा देने वाले अंधे कत्ल का महज 24 घंटे में पर्दाफाश, हत्यारा बेटा सलाखों के पीछे

धरमजयगढ़/रायगढ़, 18 मई:शराब की लत और गुस्से ने एक बेटे को इस कदर हैवान बना दिया कि उसने अपनी उसी 70 वर्षीय बुजुर्ग मां को मौत के घाट उतार दिया, जिसने उसे जन्म दिया था। जब इस खूनी खेल के बीच हैवानियत का नंगा नाच चल रहा था, तब अपनी दादी को बचाने आई 10 साल की मासूम बेटी पर भी इस कलयुगी पिता ने जानलेवा हमला कर दिया। धरमजयगढ़ पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।

वारदात की खौफनाक दास्तान: कैसे हैवान बना एक पिता? – यह दिल दहला देने वाली घटना थाना धरमजयगढ़ क्षेत्र के ग्राम चिकटवानी मुडाडीपा की है। पुलिस जांच में सामने आया कि 37 वर्षीय आरोपी संदीप लकड़ा (पिता स्व. भीमा लकड़ा) पेशे से ड्राइवर है।

  • अस्पताल से लौटा था आरोपी: संदीप की एक बेटी का पैर एक्सीडेंट में टूट गया था, जिसका इलाज मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में चल रहा था। 14 मई को वह अपनी 10 वर्षीय बेटी अगोस्टिना के साथ आयुष्मान कार्ड और कुछ जरूरी सामान लेने धरमजयगढ़ अपने गांव वापस आया था।
  • शराब ने ली जान: गांव लौटकर आरोपी लगातार शराब पी रहा था। जब उसकी 70 वर्षीय बुजुर्ग मां मेरीना लकड़ा ने उसे शराब पीने से मना किया और फटकार लगाई, तो यह बात उसे इतनी नागवार गुजरी कि वह आगबबूला हो गया।
  • मौत का तांडव: नशे में धुत आरोपी घर लौटा और डंडे से अपनी बुजुर्ग मां के सिर और कान के पास ताबड़तोड़ वार करने लगा, जिससे वह खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़ीं।
  • मासूम पर भी नहीं खाया रहम: दादी को पिटता देख 10 साल की मासूम अगोस्टिना बीच-बचाव करने दौड़ी। लेकिन खून के प्यासे हो चुके पिता ने उस पर भी जानलेवा नीयत से डंडे से वार कर दिया, जिससे मासूम का सिर फट गया। वह किसी तरह अपनी जान बचाकर दूसरे घर में भागी और बेहोश हो गई।

पुलिस का एक्शन: 24 घंटे में सलाखों के पीछे पहुंचा कातिल – ​कल (17 मई) पुलिस को सूचना मिली थी कि मेरीना लकड़ा की खून से लथपथ लाश उनके घर में पड़ी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी धरमजयगढ़, निरीक्षक राजेश जांगड़े अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे।

  • मासूम को पहुंचाया अस्पताल: पुलिस ने सबसे पहले गंभीर रूप से घायल और बेहोश पड़ी 10 वर्षीय अगोस्टिना को ग्रामीणों की मदद से एंबुलेंस द्वारा सिविल अस्पताल धरमजयगढ़ पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच सकी।
  • संदेह और गिरफ्तारी: पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद पुलिस ने धारा 103(1) और 109 BNS के तहत अपराध दर्ज किया। विवेचना के दौरान शक की सुई बेटे संदीप पर घूमी।
  • आरोपी का कुबूलनामा: पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल खून से सना लकड़ी का डंडा भी बरामद कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

रायगढ़ पुलिस का कड़ा संदेश – इस त्वरित और सफल कार्रवाई को एसएसपी शशि मोहन सिंह, एडिशनल एसपी अनिल सोनी तथा एसडीओपी सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। थाना प्रभारी राजेश जांगड़े सहित पूरी पुलिस टीम की इस खुलासे में अहम भूमिका रही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह का स्पष्ट अल्टीमेटम:

“घरेलू हिंसा, हत्या और महिलाओं-बुजुर्गों पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति पर काम कर रही है। ऐसे अपराधियों को हर हाल में कानून के दायरे में लाया जाएगा। समाज में इस तरह की दरिंदगी के लिए कोई जगह नहीं है।”

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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