प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ा एक और युवा: लिब्रा वाटरफॉल में डूबने से युवक की मौत, ‘डेथ पॉइंट’ बनने के बाद भी प्रशासन मौन…

अम्बिकापुर (सरगुजा): सरगुजा जिले का मशहूर पर्यटन स्थल ‘लिब्रा वाटरफॉल’ एक बार फिर किसी के घर का चिराग बुझने का गवाह बना है। शनिवार को यहाँ पिकनिक मनाने आए एक युवक की घुनघुट्टा नदी के गहरे पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद बदहवास दोस्त युवक को बाइक पर बीच में बैठाकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भागे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामला दरिमा थाना क्षेत्र का है।
पैर फिसलते ही निगल गया गहरा पानी : प्राप्त जानकारी के अनुसार, बतौली थाना क्षेत्र के ग्राम पोकसरी निवासी इंद्रदेव पैकरा (पिता संजय पैकरा) शनिवार को अपने 5 दोस्तों के साथ वीकेंड मनाने लिब्रा वाटरफॉल आया था। वाटरफॉल में नहाने के बाद सभी दोस्त उससे लगी घुनघुट्टा नदी में नहाने उतरे। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने से इंद्रदेव गहरे पानी की तरफ चला गया। तैरना न जानने के कारण वह पानी में डूबने लगा। दोस्तों ने आनन-फानन में शोर मचाया और उसे पानी से बाहर निकाला। उस वक्त इंद्रदेव की सांसें चल रही थीं, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
‘कागजी’ प्रतिबंध, धरातल पर शून्य सुरक्षा : लिब्रा वाटरफॉल, घुनघुट्टा नदी पर बने बांकी डैम के वेस्ट वीयर (Weir) से गिरने वाले पानी की वजह से बनता है। यह जगह जितनी खूबसूरत है, उतनी ही काल का गाल भी है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार:
- पिछले कई सालों में यहाँ डूबने की दर्जनों घटनाएँ हो चुकी हैं।
- प्रशासन ने पिछले साल इस क्षेत्र को ‘प्रतिबंधित क्षेत्र’ तो घोषित कर दिया, लेकिन यह आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित रहा।
- धरातल पर न तो कोई बैरिकेटिंग (सुरक्षा घेरा) है, न कोई चेतावनी बोर्ड और न ही सुरक्षाकर्मियों की तैनाती।
बड़ा सवाल: जब प्रशासन को पता है कि यह जगह जानलेवा साबित हो रही है, तो यहाँ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए गए? क्या प्रशासन किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?




