जशपुर

जशपुर में इंसाफ का हथौड़ा : 4 साल तक शादी का झूठा सपना दिखाकर अस्मत लूटने वाले वासिफ को 10 साल की कठोर कैद!…

जशपुर: महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कड़ा प्रहार करते हुए जशपुर की विशेष अदालत ने एक कड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। प्यार और शादी का झूठा जाल बुनकर लगातार 4 साल तक एक बेबस युवती का शारीरिक शोषण करने वाले वासिफ अंसारी को अदालत ने 10 साल के सश्रम (कठोर) कारावास की सजा सुनाई है। जशपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई और पुख्ता सबूतों के आगे दरिंदे को कोई भागने का रास्ता नहीं मिला।

मामले की मुख्य बातें (एक नज़र में):

  • आरोपी: वासिफ अंसारी (29 वर्ष), निवासी सिमडेगा (झारखंड)।
  • सजा: 10 साल की कठोर जेल और ₹10,000 का जुर्माना। (जुर्माना न देने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा)।
  • अपराध: 2019 से दिसंबर 2023 तक शादी का झांसा देकर लगातार दुष्कर्म।
  • अधिनियम: IPC की धारा 376(N) और 3(2)(v) ST/SC Act.
  • फैसले का दिन: 15 मई 2026

धोखे और दरिंदगी की दास्तान : पुलिस के मुताबिक, 28 वर्षीय पीड़िता कुनकुरी इलाके में किराए के मकान में रहकर एक दुकान में काम करती थी। वर्ष 2018 में जशपुर में किसी काम के दौरान उसकी मुलाकात झारखंड के वासिफ अंसारी से हुई। बातचीत का सिलसिला बढ़ा और वासिफ ने मोहब्बत का झूठा नाटक शुरू कर दिया।

​वर्ष 2019 में उसने पीड़िता को शादी का पक्का भरोसा दिलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। यह सिलसिला दिसंबर 2023 तक चलता रहा। 4 साल तक आरोपी उसकी भावनाओं और शरीर से खेलता रहा। जब पानी सिर से ऊपर चला गया और पीड़िता ने शादी का दबाव बनाया, तो धोखेबाज वासिफ 3 जनवरी 2024 को बिना बताए उसे हमेशा के लिए छोड़कर फरार हो गया।

पुलिस का कड़ा एक्शन और कोर्ट का वार :  दर-दर भटकने के बाद पीड़िता ने 19 जनवरी 2024 को थाना कुनकुरी में इंसाफ की गुहार लगाई। पुलिस ने बिना देर किए भा.द.वि. की धारा 376(N) और ST/SC एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।

  • अचूक विवेचना: एस.डी.ओ.पी. कुनकुरी विनोद कुमार मंडावी और तत्कालीन थाना प्रभारी उप-निरीक्षक सुनील सिंह ने मामले की बारीकी से जांच की। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए साल 2024 में ही आरोपी वासिफ को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे धकेल दिया।
  • न्यायालय में दमदार पैरवी: पुलिस द्वारा जुटाए गए अकाट्य साक्ष्यों और लोक अभियोजक अजीत रजक की धारदार दलीलों के आगे आरोपी के सारे पैंतरे फेल हो गए। अंततः 15 मई 2026 को विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण) ने इस घिनौने अपराध के लिए वासिफ को 10 साल की कठोर सजा और जुर्माने से दंडित किया।

“अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा”

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (जशपुर), डॉ. लाल उमेद सिंह ने इस फैसले पर कड़ा संदेश देते हुए कहा, “माननीय न्यायालय का यह फैसला समाज में एक कड़ा संदेश है। महिलाओं से संबंधित अपराधों में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ पुलिस बेहद कठोर कानूनी कार्यवाही करेगी। ऐसे दरिंदों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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