रायगढ़ पुलिस का बड़ा प्रहार : मानव तस्करी के अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, नाबालिग का रेस्क्यू कर 5 आरोपी गिरफ्तार…

रायगढ़। छत्तीसगढ़ से लेकर मध्य प्रदेश तक फैले मानव तस्करी (Human Trafficking) के एक घिनौने नेटवर्क को रायगढ़ पुलिस ने नेस्तनाबूत कर दिया है। काम दिलाने के बहाने एक 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को बंधक बनाकर डेढ़ लाख रुपये में बेचने और फिर उसे देह व्यापार के दलदल में धकेलने वाले इस गिरोह के 5 सदस्यों को पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है।
साजिश : ममता के नाम पर सौदा – मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता ने किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटकर पुलिस की शरण ली। जांच में पता चला कि 26 नवंबर 2025 को पारिवारिक नाराजगी का फायदा उठाकर एक परिचित लड़की ने पीड़िता को काम दिलाने का लालच दिया। रायगढ़ में सक्रिय मानव तस्करों के गिरोह ने उसे अपनी गिरफ्त में लिया और सीधे मध्य प्रदेश के सागर ले गए। वहां मंदिर में सुनील दीक्षित नामक व्यक्ति से 1.50 लाख रुपये लेकर नाबालिग की जबरन शादी करा दी गई।
संघर्ष : चंगुल से भागकर आई, पर फिर फंसी – पीड़िता किसी तरह आरोपी सुनील के कब्जे से भागकर वापस रायगढ़ पहुंची, लेकिन डर के कारण घर नहीं गई। यहां वह पुनः गिरोह की सदस्य बिंदिया रात्रे के संपर्क में आ गई, जिसने सहारा देने के नाम पर उसे फिर से देह व्यापार के नरक में धकेल दिया। पीड़िता से होने वाली काली कमाई का हिस्सा आरोपी खुद डकार जाते थे।
पुलिसिया कार्रवाई : ‘ऑपरेशन रेस्क्यू’ : एसएसपी शशि मोहन सिंह के कड़े रुख के बाद प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के छतरपुर में दबिश दी।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण :
- सिरिन बानू उर्फ चाची (45 वर्ष) : रायगढ़ की सक्रिय दलाल।
- बिंदिया रात्रे (23 वर्ष) : पीड़िता को देह व्यापार में मजबूर करने वाली मुख्य आरोपी।
- मोहम्मद दानिश उर्फ चीकू (20 वर्ष) : गिरोह का सहयोगी।
- सुनील दीक्षित (37 वर्ष) : नाबालिग को खरीदने वाला (छतरपुर, म.प्र.)।
- विधि से संघर्षरत बालिका : गिरोह की मददगार। (नोट: आरोपी अभय यादव फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है।)
सख्त कानून के तहत दर्ज हुआ मुकदमा : पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 143, 96, 98, 99, 64 और पॉक्सो एक्ट (POCSO) की धारा 6 के तहत अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और मानव तस्करी का मामला दर्ज किया है।
एसएसपी का कड़ा संदेश – “रायगढ़ जिला अपराधियों की सुरक्षित पनाहगाह नहीं है। हमने पहले ही पीटा एक्ट के तहत चेतावनी दी थी। मानव तस्करी और देह व्यापार जैसे जघन्य अपराधों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई उन गिरोहों के लिए एक चेतावनी है जो मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ करते हैं।” – शशि मोहन सिंह (एसएसपी, रायगढ़)
रायगढ़ पुलिस की इस सफलता में महिला थाना प्रभारी एसआई कुसुम कैवर्त और कोतरारोड़ पुलिस टीम की भूमिका सराहनीय रही।




