रायगढ़ में ‘वॉटर इमरजेंसी’ का ऐलान: 1 अप्रैल से 31 जुलाई तक बोरिंग मशीनों के पहियों पर लगा ब्रेक, कलेक्टर का सख्त आदेश…

रायगढ़। आगामी ग्रीष्म ऋतु में गहराते जल संकट और गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने अब तक का सबसे कड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी ने छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए संपूर्ण रायगढ़ जिले को ‘जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र’ (Water Scarcity Area) घोषित कर दिया है।
यह प्रतिबंध 1 अप्रैल से 31 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि में जिले के किसी भी हिस्से में बिना पूर्व अनुमति के नलकूप खनन (बोरिंग) पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
नियमों का उल्लंघन पड़ा भारी : सीधे होगी कार्रवाई – प्रशासन के आदेशानुसार, अब निजी उपयोग, कृषि या औद्योगिक किसी भी प्रयोजन के लिए नया नलकूप खनन करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आएगा। यदि कोई व्यक्ति या बोरिंग एजेंसी चोरी-छिपे खनन करते पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध अधिनियम की धाराओं के तहत कठोर दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी और मशीनें जब्त की जा सकती हैं।
किसे कहाँ से मिलेगी अनुमति? (अधिकार क्षेत्र का विभाजन) – आम नागरिकों की सुविधा के लिए कलेक्टर ने तहसील वार अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया है। आवेदन करने पर केवल ‘अत्यंत आवश्यक’ होने पर ही अनुमति दी जाएगी:
- रायगढ़ एवं पुसौर क्षेत्र: अनुविभागीय अधिकारी (रा.) रायगढ़
- खरसिया क्षेत्र: अनुविभागीय अधिकारी (रा.) खरसिया
- घरघोड़ा एवं तमनार क्षेत्र: अनुविभागीय अधिकारी (रा.) घरघोड़ा
- धरमजयगढ़ क्षेत्र: अनुविभागीय अधिकारी (रा.) धरमजयगढ़
- लैलूंगा क्षेत्र: अनुविभागीय अधिकारी (रा.) लैलूंगा
सरकारी एजेंसियों को सशर्त छूट – पेयजल की किल्लत को दूर करने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) और नगरीय निकायों को छूट दी गई है। नगर निगम, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतें अपने-अपने क्षेत्रों में केवल पीने के पानी की आपूर्ति के लिए नलकूप खनन कर सकेंगी। हालांकि, इसके लिए भी उन्हें संबंधित क्षेत्र के प्राधिकृत अधिकारी को लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला? – रायगढ़ जिले में पिछले कुछ वर्षों में औद्योगिकीकरण और अत्यधिक दोहन के कारण भू-जल स्तर (Ground Water Level) में भारी गिरावट दर्ज की गई है। आने वाले चार महीनों (अप्रैल से जुलाई) में आम जनता को पीने के पानी के लिए भटकना न पड़े, इसी ‘वॉटर बैकअप’ को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन ने यह ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की है।
सावधान : यदि आप नया घर बना रहे हैं या बोरिंग कराने की योजना है, तो 1 अप्रैल से पहले या तो अनुमति लें या फिर जुलाई खत्म होने का इंतजार करें। नियम की अनदेखी आपको कानूनी पचड़े में डाल सकती है।




