अंबिकापुर

कुदरत का कहर : मैनपाट में ओलों की ‘सफेद चादर’, सरगुजा संभाग में फसलों पर संकट के बादल…

अंबिकापुर। सरगुजा के ‘मिन्नी स्विट्जरलैंड’ कहे जाने वाले मैनपाट में मंगलवार की रात कुदरत ने रौद्र रूप दिखाया। करीब 20 मिनट तक हुई भारी ओलावृष्टि ने पूरे इलाके को कश्मीर बना दिया। सड़कों से लेकर खेतों तक ओलों की सफेद चादर बिछ गई, लेकिन इस प्राकृतिक खूबसूरती के पीछे किसानों की बर्बादी की चीख दबी हुई है।

आधी रात को बिगड़ा मिजाज – मंगलवार देर शाम से चल रही तेज हवाओं और बूंदाबांदी के बाद, रात करीब 10:45 बजे अचानक मौसम ने करवट ली। देखते ही देखते बड़े-बड़े ओले गिरने लगे। करीब 20 मिनट की इस ओलावृष्टि ने जनजीवन को थाम दिया। मैनपाट के साथ-साथ सीतापुर और आसपास के इलाकों में भी बारिश के साथ ओले गिरे हैं।

किसानों की कमर टूटी : आम, लीची और महुआ तबाह – नवंबर के बाद पहली बार हुई इस बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ओलावृष्टि का सबसे घातक असर इन फसलों पर पड़ा है:

  • आम और लीची: पेड़ों पर आए बौर (फूल) और छोटी अंबिया ओलों की मार से झड़ गई हैं।
  • महुआ: सीजन की शुरुआत में ही बारिश और ओलों ने महुआ संग्रहण को बुरी तरह प्रभावित किया है।
  • सब्जियां: टमाटर की खेती करने वाले किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है।

तापमान का गणित : कहीं राहत, कहीं उमस – बादलों के डेरे की वजह से पारे में भी उतार-चढ़ाव जारी है:

  • अधिकतम तापमान : 36.5 डिग्री से गिरकर 34 डिग्री पर आ गया है (करीब 3 डिग्री की गिरावट)।
  • न्यूनतम तापमान : बादलों की वजह से गर्मी बढ़ी है और यह 18.4 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक है।

अलर्ट : अभी 3 दिन और रहेगा खतरा – मौसम विभाग की चेतावनी ने सरगुजा संभाग के लोगों की नींद उड़ा दी है। अगले 72 घंटों (3 दिन) तक पूरे संभाग में घने बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर फिर से ओलावृष्टि की प्रबल संभावना जताई गई है। सूरजपुर, बलरामपुर और उदयपुर के इलाकों में पहले ही भारी बारिश दर्ज की जा चुकी है।

“अंधेरी रात में गिरे ओलों ने सुबह किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। अगर अगले तीन दिन भी यही स्थिति रही, तो बागवानी फसलों को बचाना मुश्किल होगा।”

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!