खौलता माड़, जलता सुहाग : शराब के विवाद में पत्नी की रूह कंपा देने वाली करतूत…

अंबिकापुर। जिले के दरिमा थाना क्षेत्र में एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर दिया है। यहाँ एक “नशे की सौदागर” पत्नी ने अपने ही पति को मौत के घाट उतारने की कोशिश की। कसूर सिर्फ इतना था कि पति ने घर में पक रही ‘मौत की शराब’ का विरोध किया था। सनक में अंधी पत्नी ने चूल्हे से उबलता हुआ माड़ (चावल का गर्म पानी) उठाकर पति पर डाल दिया, जिससे वह अधमरा हो गया।
आधी रात को ‘नवाबांध’ में मचा कोहराम – 29 अप्रैल की रात करीब 9 बजे, जब पूरा गांव सोने की तैयारी कर रहा था, तब कन्नीलाल राजवाड़े के घर में चीख-पुकार मच गई। कन्नीलाल खाना खाकर आंगन में सुकून की सांस ले रहे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनकी अपनी पत्नी रामबाई के भीतर नफरत का लावा उबल रहा है।
विवाद की असली वजह : पीड़ित कन्नीलाल अपनी पत्नी और छोटे बेटे द्वारा किए जा रहे महुआ शराब के अवैध कारोबार के सख्त खिलाफ थे। आए दिन घर में इस बात को लेकर कलह होती थी। उस रात जब कन्नीलाल ने रामबाई को यह धंधा बंद करने की अंतिम चेतावनी दी, तो रामबाई का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया।
चूल्हे पर उबलता ‘काल’ : रोंगटे खड़े कर देने वाली बर्बरता – जैसे ही बहस बढ़ी, आरोपी पत्नी रामबाई रसोई की ओर भागी। वहाँ चूल्हे पर चावल का माड़ खौल रहा था। बिना एक पल सोचे, उसने उस खौलते हुए तरल को उठाया और आंगन में बैठे अपने पति के चेहरे और सीने पर उड़ेल दिया।
- तड़प उठा पति : 100{C} के करीब तापमान वाले उस चिपचिपे माड़ ने कन्नीलाल की त्वचा को गलने पर मजबूर कर दिया।
- गंभीर चोटें : गर्म माड़ ने चेहरे, गर्दन, छाती और पीठ की खाल को पूरी तरह उधेड़ दिया। देखते ही देखते कन्नीलाल का शरीर फफोलों से भर गया और वह जमीन पर गिरकर तड़पने लगे।
बेटे की जुबानी : ‘माँ बन गई थी हैवान’ – कन्नीलाल की चीखें सुनकर उनका बड़ा बेटा राजेंद्र राजवाड़े मौके पर पहुँचा। राजेंद्र ने बताया :
“मेरे पिता हमेशा चाहते थे कि घर में शांति रहे और अवैध काम न हो। लेकिन मेरी माँ और छोटा भाई शराब के लालच में अंधे हो चुके थे। मना करने पर माँ ने पिता के साथ वह किया जो कोई दुश्मन भी नहीं करता। उन्होंने खौलता माड़ डालकर उन्हें जिंदा जलाने की कोशिश की।”
अस्पताल में जंग और पुलिस का एक्शन – गंभीर रूप से झुलसे कन्नीलाल को आनन-फानन में दरिमा अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के बर्न यूनिट रेफर कर दिया। उनकी स्थिति फिलहाल चिंताजनक बनी हुई है।
कानूनी शिकंजा :
- धाराएं : दरिमा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118(1) (गंभीर चोट पहुँचाना) और 351(3) (आपराधिक धमकी) के तहत केस दर्ज किया है।
- फरार आरोपी : वारदात के बाद से ही आरोपी पत्नी फरार है। पुलिस की ‘स्पेशल टीम’ उसकी तलाश में जंगलों और संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
बड़ा सवाल : कब थमेगा अवैध शराब का तांडव? – यह घटना सिर्फ एक घरेलू विवाद नहीं है, बल्कि सरगुजा के ग्रामीण अंचलों में जड़ जमा चुके अवैध शराब के कारोबार का भयावह परिणाम है। एक परिवार बिखर गया, एक शख्स अस्पताल में मौत से लड़ रहा है, और एक महिला अब कानून की भगोड़ी है।
सावधान रहें : घरेलू हिंसा और अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसी ‘खौलती’ साजिशें किसी और का घर न उजाड़ सकें।



