पत्थलगांव ब्रेकिंग : ‘भू-माफिया’ राज, नियमों की धज्जियां उड़ाकर बेची जा रही कृषि भूमि!…

पत्थरगांव। नियमों को ताक पर रखकर चांदी काटने का खेल अब बेखौफ जारी है। पत्थरगांव शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में अवैध प्लॉटिंग का कैंसर तेजी से फैल रहा है। भू-माफिया और रसूखदारों के गठजोड़ ने न केवल सरकारी राजस्व को चूना लगाया है, बल्कि आम आदमी के भविष्य को भी दांव पर लगा दिया है।

मुख्य खुलासे: नियम हवा, मुनाफा सवा!
- डायवर्जन का खेल : नियमानुसार कृषि भूमि को आवासीय या व्यावसायिक उपयोग में लाने से पहले ‘डायवर्जन’ और ‘टाउन एंड कंट्री प्लानिंग’ की अनुमति अनिवार्य है। लेकिन यहां बिना किसी अनुमति के सीधे खेत में चूना डालकर प्लॉट बेचे जा रहे हैं।
- किसानों का शोषण : भू-माफिया भोले-भाले किसानों से कौड़ियों के दाम पर जमीनें खरीद रहे हैं और उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर मोटे मुनाफे पर बेच रहे हैं।
- राजस्व की बड़ी चपत : बिना वैध दस्तावेजों और रजिस्ट्री प्रक्रिया के होने वाले इस खेल से सरकार को मिलने वाले करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
कौन है जिम्मेदार? प्रशासन की चुप्पी पर सवाल – हैरानी की बात यह है कि शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस अवैध धंधे को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।
“अधिकारी कार्रवाई करना भी चाहें तो ‘ऊपर’ के दबाव में उनके हाथ बंध जाते हैं। जब तक प्रशासनिक इच्छाशक्ति और राजनीतिक हस्तक्षेप बंद नहीं होगा, यह अवैध कारोबार नहीं रुकेगा।”
खरीदार सावधान! डूब सकती है आपकी गाढ़ी कमाई – बिना एनओसी (NOC) और वैध डायवर्जन के खरीदे गए इन प्लॉट्स पर भविष्य में निर्माण कार्य करना कानूनी पचड़ों में फंस सकता है। नगर पालिका सीएमओ जावेद खान ने साफ कर दिया है कि बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र के की जा रही प्लॉटिंग पूरी तरह अवैध है और ऐसी रजिस्ट्री निरस्त की जा सकती हैं।
जिम्मेदार कौन? – एसडीएम ऋतुराज सिंह ने जांच और सख्त कार्रवाई की बात तो कही है, लेकिन सवाल वही है- क्या भू-माफियाओं के बुलडोजर पर प्रशासन का बुलडोजर चलेगा?




