ब्लैकमेलिंग का खौफनाक अंत : तमनार में महिला ने चुनी मौत, ऑडियो क्लिप से डराने वाला आरोपी महेंद्र गुप्ता सलाखों के पीछे…

रायगढ़। महिला सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने वाली रायगढ़ पुलिस ने एक दिल दहला देने वाले सुसाइड केस की गुत्थी सुलझा ली है। तमनार क्षेत्र के ग्राम सेमीजोर में एक 26 वर्षीय महिला को मौत के गले लगाने पर मजबूर करने वाले शातिर ब्लैकमेलर महेन्द्र गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी एक ऑडियो रिकॉर्डिंग के जरिए महिला को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर ‘गलत काम’ के लिए दबाव बना रहा था।
सुसाइड नोट और ऑडियो ने खोली दरिंदगी की पोल – घटना 6 फरवरी की है, जब पीड़िता ने अपने ही घर के रसोई घर में फांसी लगाकर जान दे दी थी। शुरुआती जांच में यह सामान्य आत्महत्या लग रही थी, लेकिन तमनार पुलिस की गहन तफ्तीश और मृतिका के परिजनों द्वारा सौंपे गए सुसाइड नोट व मोबाइल ऑडियो रिकॉर्डिंग ने पूरे मामले का रुख पलट दिया।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी महेन्द्र गुप्ता (31 वर्ष) के पास मृतिका की किसी अन्य युवक से बातचीत की रिकॉर्डिंग थी। इसी रिकॉर्डिंग को हथियार बनाकर वह महिला को लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। लोक-लाज और मानसिक प्रताड़ना से टूट चुकी महिला ने आखिरकार मौत को गले लगाना बेहतर समझा।
बीएनएस की धारा 108 के तहत बड़ी कार्रवाई : एसएसपी शशि मोहन सिंह के कड़े निर्देश पर थाना प्रभारी प्रशांत राव आहेर ने मामले की बारीकी से जांच की। साक्ष्य पुख्ता होते ही पुलिस ने आरोपी को घेराबंदी कर दबोच लिया।
- अपराध क्रमांक: 51/2026
- धारा: 108 BNS (आत्महत्या के लिए उकसाना)
- जब्ती: ब्लैकमेलिंग में इस्तेमाल किया गया विवो कंपनी का मोबाइल फोन।
एसएसपी की दोटूक : “बख्शे नहीं जाएंगे महिलाओं के उत्पीड़क” – मामले की सफलता पर एसएसपी रायगढ़ ने स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं के विरुद्ध किसी भी प्रकार का मानसिक या शारीरिक उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा:
“समाज में महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ब्लैकमेलिंग कर किसी को मौत के मुहाने तक धकेलने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस इसी तरह सख्त और त्वरित कार्रवाई जारी रखेगी।”
कार्यवाही में शामिल टीम : निरीक्षक प्रशांत राव आहेर, प्रधान आरक्षक देव प्रसाद राठिया, अनूप कुजूर, आरक्षक पुरुषोत्तम सिदार, रंजीत भगत और पुष्पेन्द्र सिदार।




