रायगढ़

रायगढ़ पुलिस का ‘रिपोर्ट कार्ड’ जारी : जूटमिल, कोतवाली और लैलूंगा ने मारी बाजी, SSP ने थपथपाई पीठ…

रायगढ़ | 28 फरवरी 2026 : जिले की कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। फरवरी माह की विस्तृत समीक्षा के बाद थानों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट जारी की गई है, जिसमें थाना जूटमिल, कोतवाली और लैलूंगा ने अपने शानदार प्रदर्शन से जिले में टॉप-3 में जगह बनाई है।

​बीती रात वर्चुअल बैठक के जरिए एसएसपी ने जिले का “क्राइम रिपोर्ट कार्ड” पेश किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिसिंग में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

परफॉर्मेंस की ‘पिच’ पर ये रहे ‘मैन ऑफ द मैच’ – समीक्षा के दौरान विभिन्न मापदंडों (अपराध निकाल, शिकायतों का निराकरण, वारंट तामिली) के आधार पर ओवरऑल रैंकिंग जारी की गई:

  • प्रथम स्थान (विजेता) : थाना जूटमिल (निरीक्षक प्रशांत राव)
  • द्वितीय स्थान : थाना कोतवाली (निरीक्षक सुखनंदन पटेल)
  • तृतीय स्थान : थाना लैलूंगा (उप निरीक्षक गिरधारी साव)

SSP ने इन तीनों थाना प्रभारियों को उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और टीम वर्क के लिए नगद पुरस्कार से सम्मानित कर पुलिस महकमे का उत्साहवर्धन किया।

विभिन्न मोर्चों पर थानों की सक्रियता :

  • अपराध निराकरण : जूटमिल, कोतवाली और लैलूंगा का दबदबा रहा।
  • शिकायत निपटारा : घरघोड़ा, कोतवाली और जूटमिल ने त्वरित कार्रवाई की।
  • गुम इंसान दस्तयाबी : कोतरारोड़ और जूटमिल पुलिस ने बिछड़े हुए लोगों को उनके परिजनों से मिलाने में तत्परता दिखाई।
  • अवैध गतिविधियों पर वार : आबकारी और जुआ एक्ट के खिलाफ कोतरारोड़ और जूटमिल की कार्रवाई सबसे प्रभावी रही।

एसएसपी की सीधी चेतावनी : “सुधरें या कार्रवाई झेलें” – जहां एक ओर बेहतर काम करने वालों को पुरस्कार मिला, वहीं खराब प्रदर्शन करने वाले थाना प्रभारियों को एसएसपी ने सार्वजनिक रूप से सचेत किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा :

​”रायगढ़ पुलिस अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलेगी। बदमाशों में पुलिस का खौफ दिखना चाहिए। किसी भी पुलिसकर्मी का आचरण अगर विभाग की छवि धूमिल करेगा, तो उस पर सख्त एक्शन लिया जाएगा।”

​इस समीक्षा बैठक ने साफ कर दिया है कि जूटमिल, कोतवाली और लैलूंगा ने पुलिसिंग का जो मानक तय किया है, बाकी थानों को भी उसी लय में आना होगा। आगामी माह में पुलिसिंग को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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