कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी का लैलूंगा एक्शन प्लान : सुदूर वनांचल में विकास की रफ्तार तेज, लापरवाही पर सख्त हिदायत…

रायगढ़। जिले के अंतिम छोर पर बसे आदिवासी बाहुल्य विकासखंड लैलूंगा की सूरत बदलने के लिए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने मोर्चा संभाल लिया है। गुरुवार को लैलूंगा के दुर्गम क्षेत्रों का सघन दौरा करते हुए कलेक्टर ने न केवल योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी, बल्कि सुस्त कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए ‘रिजल्ट ओरिएंटेड’ कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए। उनके तेवरों से स्पष्ट है कि वनांचल में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के कार्यों में अब कोई भी बहानेबाजी नहीं चलेगी।
छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि : जर्जर भवन ढहाने और मरम्मत के तत्काल आदेश – झगरपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के निरीक्षण के दौरान जब छात्रावास की बदहाली और जर्जर भवनों का मुद्दा सामने आया, तो कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने मौके पर ही जनपद सीईओ को निर्देशित किया कि:
- छात्राओं की सुरक्षा के लिए परिसर के जर्जर भवनों को तत्काल डिस्मेंटल (ध्वस्त) किया जाए।
- हॉस्टल और स्कूल की बाउंड्री वॉल व मरम्मत कार्यों का प्राक्कलन (estimate) बिना देरी किए प्रस्तुत करें।
नर्सिंग कॉलेज से खुलेगा रोजगार का द्वार, DAV स्कूल के लिए ‘अल्टीमेटम’ – कुंजारा में प्रस्तावित बीएससी नर्सिंग कॉलेज कलेक्टर की प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कॉलेज आदिवासी छात्राओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखेगा। वहीं, डीएवी स्कूल कुंजारा के जर्जर भवन के मामले में लोक निर्माण विभाग की सुस्त रफ़्तार पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने 4 दिनों के भीतर टेंडर प्रक्रिया में प्रगति सुनिश्चित करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया है।
आजीविका और खेती : ‘रेडी-टू-ईट’ से लेकर ‘रागी’ फसल तक फोकस – कलेक्टर ने कुंजारा की रेडी-टू-ईट इकाई में काम कर रही महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें ‘सेकेंडरी सेक्टर’ की ओर बढ़ने की प्रेरणा दी। कृषि क्षेत्र में उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और DMF मद से हो रहे रागी उत्पादन का अवलोकन किया। उन्होंने प्रगतिशील किसान कलिंदर नायक की फसल की प्रशंसा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि आधुनिक खेती की तकनीकों को अंतिम छोर के किसान तक पहुँचाया जाए।
“वनांचल में शिक्षा, अधोसंरचना और आजीविका के कार्यों में शिथिलता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। हर प्रोजेक्ट की स्पष्ट कार्ययोजना और डेडलाइन तय होनी चाहिए।”
मयंक चतुर्वेदी, कलेक्टर, रायगढ़
उपस्थिति : इस दौरे के दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, एसडीएम श्री भरत कौशिक, जनपद सीईओ सुश्री प्रीति नायडू सहित अन्य विभागीय अधिकारी मुस्तैद रहे।




