प्रशासन का कड़ा रुख : बिना अनुमति ‘धरना’ पड़ा भारी, 5 प्रदर्शनकारियों को नोटिस, 24 घंटे का अल्टीमेटम…

रायगढ़। जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अपनी सख्त मंशा साफ कर दी है। एनटीपीसी लारा (NTPC Lara) के पास बिना प्रशासनिक अनुमति के धरना-प्रदर्शन करने वाले 5 प्रमुख लोगों को एसडीएम (SDM) रायगढ़ ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी के आदेशों की अवहेलना पर हुई इस त्वरित कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।
इन लोगों पर गिरी गाज : प्रशासन ने जिन लोगों को कटघरे में खड़ा किया है, उनमें शामिल हैं :
- अनिल अग्रवाल (निवासी: रायगढ़)
- कृष्णा प्रधान (निवासी: लारा)
- गौरी शंकर मिरधा (निवासी: लारा)
- महेन्द्र मिरधा (निवासी: लारा)
- मुरली प्रधान (निवासी: लारा)
24 घंटे में दें जवाब, वरना होगी जेल! – नोटिस में प्रशासन ने बेहद सख्त लहजा अपनाया है। इन सभी को अपना पक्ष रखने के लिए मात्र 24 घंटे का समय दिया गया है। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब पेश नहीं किया गया, तो प्रशासन कड़ी वैधानिक कार्रवाई (Legal Action) सुनिश्चित करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदर्शनकारियों की होगी।
क्या है पूरा मामला? – ज्ञात हो कि रायगढ़ जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्टर ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि किसी भी प्रकार के निजी, सार्वजनिक, धार्मिक या राजनीतिक आयोजन के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य है।
बावजूद इसके, 24 फरवरी को एनटीपीसी लारा के पास बिना किसी विधिक अनुमति के जमावड़ा किया गया और धरना दिया गया। जैसे ही यह जानकारी प्रशासन तक पहुँची, कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल एक्शन लेते हुए नोटिस थमा दिया गया।
“प्रशासनिक आदेश का उल्लंघन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शांति भंग करने और बिना अनुमति भीड़ जुटाने वालों के खिलाफ कानून अपना काम करेगा।” – जिला प्रशासन, रायगढ़



