रायगढ़

रायगढ़ पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन स्ट्रीट’ : नशे में धुत 38 चालकों पर गिरी गाज, सड़क सुरक्षा माह में पुलिस की बड़ी कार्रवाई…

रायगढ़। क्राइम डेस्क।  जो लोग शराब के नशे में चूर होकर सड़कों को अपनी जागीर समझते हैं और बेगुनाह राहगीरों की जान से खिलवाड़ करते हैं, उनके खिलाफ रायगढ़ पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल ने ‘ब्लैक वारंट’ जारी कर दिया है। जिले की पुलिस ने शनिवार को वह कर दिखाया जिससे नशेड़ी चालकों के बीच हड़कंप मच गया है। पुलिस ने महज एक दिन के भीतर 38 नशेड़ियों को रंगे हाथों धर दबोचा और उनके खिलाफ धारा 185 एमवी एक्ट के तहत सख्त कानूनी प्रहार किया।

यमराज के ‘एजेंटों’ पर पुलिस का कड़ा पहरा – ​रायगढ़ की सड़कों पर अब नशा करके निकलना मौत को दावत देने जैसा होगा। एडिशनल एसपी अनिल कुमार सोनी के चक्रव्यूह में कल जिले के हर बड़े चौराहे पर ब्रीथ एनालाइजर मशीनें मौत के सौदागरों का इंतजार कर रही थीं। पुलिस का यह तेवर देख कई नशेड़ी वाहन छोड़कर भागने की फिराक में थे, लेकिन खाकी की मुस्तैदी ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया।

ब्रीथ एनालाइजर की ‘बीप’ और हवालात की ‘सीख’ – ​जैसे ही ब्रीथ एनालाइजर मशीन ने शराब की पुष्टि की, वैसे ही पुलिस का शिकंजा कस गया। थाना वार आंकड़ों ने शहर के बिगड़ते हालात और पुलिस की मुस्तैदी, दोनों को बयां किया है:

  • कोतरारोड़ पुलिस ने सबसे अधिक 6 ‘रोड-रोमियो’ को दबोचकर रिकॉर्ड बनाया।
  • यातायात, जूटमिल, पुसौर और लैलूंगा की टीमों ने 5-5 मामलों के साथ सड़कों को सुरक्षित किया।
  • चक्रधरनगर (4), खरसिया (3+1 चौकी), और औद्योगिक क्षेत्र तमनार व घरघोड़ा (2-2) में भी नशे का नशा हिरण कर दिया गया।

डीएसपी ट्रैफिक की दो टूक : “या तो नियम मानो, या सड़क छोड़ो” – ​यातायात डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह ने कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि यह महज एक शुरुआत है। ‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह’ का मतलब सिर्फ गुलाब का फूल देना नहीं, बल्कि जो कानून को अंगूठा दिखाएंगे, उन्हें कानून का डंडा दिखाना भी है। उन्होंने साफ कर दिया कि “शराब की एक बूंद और गाड़ी की चाबी, दोनों साथ नहीं चलेंगे।”

रायगढ़ पुलिस का कड़ा संदेश : घर पर आपका इंतजार हो रहा है, अर्थी पर नहीं!

​पुलिस की इस धारदार कार्रवाई ने उन लोगों को सीधा संदेश दिया है जो शराब पीकर गाड़ी चलाना अपनी मर्दानगी समझते हैं। आपकी एक लापरवाही किसी का सुहाग उजाड़ सकती है या किसी मां की गोद सूनी कर सकती है।

“नशे की हालत में आपका वाहन नहीं, बल्कि आपकी मौत दौड़ती है। पुलिस की यह रेड तब तक जारी रहेगी, जब तक रायगढ़ की सड़कें सुरक्षित न हो जाएं।”

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!