ग्राम बेल्हाडीह में नए सरपंच का कार्यकाल बना ग्रामीणों के लिए परेशानी विकास पर लगा ग्रहण

जिला शक्ति के अंतर्गत ग्राम पंचायत बेल्हाडीह में नए सरपंच के कार्यकाल के बाद गांव की स्थिति सुधरने के बजाय लगातार बिगड़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्तमान सरपंच शारदा भारद्वाज के कार्यकाल में ग्राम विकास की रफ्तार पूरी तरह थम गई है और गांव अव्यवस्था की ओर बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार सरपंच के पति शासकीय नौकरी में पदस्थ होने के कारण सरपंच स्वयं अधिकांश समय गांव में उपस्थित नहीं रहतीं। ऐसे में पंचायत से जुड़े मामूली दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाने के लिए ग्रामीणों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। पंचायत कार्यालय में नियमित रूप से सरपंच की अनुपस्थिति के कारण जनसमस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
गांव की आंतरिक गलियों की सड़कें जर्जर हालत में हैं जल निकासी की सुनिश्चित व्यवस्था नहीं होने से बरसात के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है की प्रधानमंत्री आवास योजना सड़क निर्माण शौचालय निर्माण जैसे मूलभूत विकास कार्य कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया की सरपंच द्वारा सिर्फ आश्वासन दिए गए लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ।
इसके साथ ही गांव में अवैध शराब बिक्री का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। पहले जहां सीमित स्थानों पर यह गतिविधि होती थी अब पूरे गांव में शराब विक्रेता सक्रिय हो गए हैं। इसका सीधा असर गांव के युवाओं पर पड़ रहा है जिससे आए दिन विवाद मारपीट और अशांति की घटनाएं सामने आ रही हैं।
ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन तमाम समस्याओं पर जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि आंख मूंदे बैठे हैं। उनका कहना है कि नए सरपंच के कार्यकाल में विकास के बजाय भ्रष्टाचार और अव्यवस्था को बढ़ावा मिला है जिससे ग्रामीण खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पंचायत बेल्हाडीह की कार्यप्रणाली की जांच कराई जाए और गांव में रुके विकास कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कराया जाए।




