कानून का खौफ खत्म? 48 घंटे पहले जिस गाड़ी को छोड़ा, उसी से फिर हो रही थी तस्करी; रायगढ़ प्रशासन ने रंगे हाथों दबोचा…

- ओडिशा से धान खपाने की बड़ी साजिश नाकाम : 120 बोरी धान जब्त, दो कोचिए और दो ड्राइवर पर FIR...
- मुनाफाखोरों पर ‘लैलूंगा मॉडल’ का प्रहार : 3100 रुपये के लालच में शासन को चूना लगाने की कोशिश फेल…
रायगढ़, 17 दिसंबर 2025। जिले में धान माफिया का दुस्साहस तो देखिए! जिस पिकअप वाहन को 10 दिसंबर को तस्करी करते पकड़ा गया और 15 दिसंबर को छोड़ दिया गया, वही गाड़ी 17 दिसंबर की रात दोबारा ओडिशा का धान खपाते रंगे हाथों पकड़ी गई। कलेक्टर और एसपी के सख्त ‘जीरो टॉलरेंस’ निर्देश पर प्रशासन ने मंगलवार देर रात पाकरगांव-लैलूंगा मार्ग पर जो कार्रवाई की है, उससे सरहदी इलाकों के बिचौलियों और कोचियों की नींद उड़ गई है।
दुस्साहस की हद : 2 दिन में फिर वही खेल – मामला सिर्फ़ 120 बोरी धान की जब्ती का नहीं, बल्कि तस्करों के बेखौफ मंसूबों का है। वाहन क्रमांक OD16N 3755 को महज दो दिन पहले मंडी समिति घरघोड़ा ने छोड़ा था। तस्करों को लगा कि प्रशासन सो रहा है, लेकिन डिस्ट्रिक्ट इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर की टीम जाग रही थी। लैलूंगा निवासी मास्टरमाइंड कोचिया शेखर जायसवाल और कृष्णा जायसवाल ने ओडिशा का सस्ता धान छत्तीसगढ़ के किसानों के खाते में खपाकर 1.86 लाख रुपये डकारने की योजना बनाई थी, जिसे प्रशासन ने चकनाचूर कर दिया।
चारों तरफ से घेराबंदी, FIR दर्ज : मंगलवार रात हुई इस कार्रवाई में पुलिस और प्रशासन ने न सिर्फ़ 120 कट्टा धान जब्त किया, बल्कि मौके से ड्राइवर सुनील कुमार यादव और निरंजन यादव को भी दबोचा। इनके पास न ड्राइविंग लाइसेंस था, न धान का कोई दस्तावेज। अब दोनों ड्राइवरों समेत मुख्य सरगना शेखर और कृष्णा जायसवाल के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया गया है।




