नारी शक्ति की जीत : डुमरमुड़ा बना शराबबंदी की मिसाल, जूटमिल पुलिस ने किया ‘महिला ब्रिगेड’ का सम्मान…

रायगढ़ (14 दिसंबर 2025): जब समाज की महिलाएं ठान लें, तो बड़े से बड़ा बदलाव संभव है। इसकी जीती-जागती मिसाल पेश की है रायगढ़ के ग्राम डुमरमुड़ा की मातृशक्ति ने। यहाँ की महिलाओं ने अवैध शराब के खिलाफ न केवल आवाज़ उठाई, बल्कि खुद लाठी थामकर गाँव को नशामुक्त बना दिया। उनकी इस साहसिक पहल के लिए आज जूटमिल पुलिस द्वारा उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
पुलिस और जनता के बीच दिखी अनोखी साझेदारी : पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल के दिशा-निर्देशन में जूटमिल थाना परिसर में एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव अहेर ने डुमरमुड़ा महिला संगठन की सदस्यों को शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई अपनी जगह है, लेकिन जब समाज खुद बुराई के खिलाफ खड़ा हो जाए, तो परिणाम स्थायी होते हैं।
खुद करती हैं पेट्रोलिंग, बदल दी गाँव की तस्वीर : सम्मान समारोह के दौरान बताया गया कि डुमरमुड़ा में पूर्ण शराबबंदी लागू होना कोई चमत्कार नहीं, बल्कि इन महिलाओं के कड़े संघर्ष का नतीजा है।
- निगरानी : महिला संगठन ने अवैध शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ कमर कस ली है।
- गश्त : महिलाएं रोजाना समूह बनाकर गाँव में पेट्रोलिंग करती हैं।
- परिणाम : उनकी सतत सक्रियता के कारण आज डुमरमुड़ा में अवैध शराब का कारोबार पूरी तरह बंद हो चुका है।
थाना प्रभारी ने कहा- यह अनुकरणीय पहल : जूटमिल थाना प्रभारी प्रशांत राव अहेर ने महिलाओं के जज्बे को सलाम करते हुए कहा, “नशामुक्त और सुरक्षित समाज की परिकल्पना जनसहयोग के बिना अधूरी है। डुमरमुड़ा की महिलाओं ने जो कर दिखाया है, वह पूरे जिले के लिए एक नजीर है। पुलिस प्रशासन इनके साथ है और भविष्य में भी इन्हें हरसंभव मदद दी जाएगी।”
इस सम्मान से महिलाओं का उत्साह और बढ़ा है, वहीं आसपास के गाँवों के लिए भी यह एक प्रेरणादायी संदेश है।




